
महुआडांड़: लातेहार जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर एक बार फिर विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत का मामला सामने आया है। महुआडांड़ प्रखंड की ओरसा पंचायत के जामडीह गांव के लिए स्वीकृत स्वास्थ्य उपकेंद्र भवन को कागजों पर ही रहने देकर, उसे 30 किमी दूर चैनपुर प्रखंड के सेमरबुढ़नी गांव में बनवाया जा रहा है। वो भी बिना ग्रामसभा की अनुमति और सार्वजनिक सूचना के।
क्या है पूरा मामला
भवन निर्माण विभाग द्वारा जामडीह गांव में 55 लाख रुपये की लागत से स्वास्थ्य उपकेंद्र भवन निर्माण के लिए टेंडर निकाला गया था। टेंडर मिलने के बाद ठेकेदार को निर्माण सामग्री पहुंचाने में परेशानी होने लगी। सूत्रों के अनुसार इसी परेशानी को बहाना बनाकर विभाग और ठेकेदार ने आपसी “सेटिंग” कर योजना की जगह बदल दी। जामडीह से करीब 30 किलोमीटर दूर सेमरबुढ़नी गांव में बिना किसी को बताए काम शुरू कर दिया गया। सेमरबुढ़नी में अब तक भवन का 25 प्रतिशत काम भी पूरा हो चुका है और सरकारी खजाने से पहली किस्त की राशि भी निकाल ली गई है। निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
जामडीह में जमीन विवाद का हवाला, पर हकीकत कुछ और
जब इस मामले की जानकारी हुई तो भवन निर्माण विभाग के जेई मनीष कुमार ने कहा कि जामडीह में जमीन विवाद था। इसी कारण ग्रामीणों की सहमति सेमरबुढ़नी में काम शुरू कराया गया है।लेकिन जामडीह के ग्रामीणों का कहना है कि उनसे किसी भी तरह की सहमति नहीं ली गई। न कोई सूचना दी गई और न ही ग्रामसभा में इस पर चर्चा हुई।
ग्रामीणों में आक्रोश, मुखिया ने की जांच की मांग
जामडीह गांव के लोगों का कहना है कि यहां पक्की सड़क नहीं होने के कारण निर्माण सामग्री लाने में ठेकेदार को दिक्कत हो रही थी। इसी कारण विभाग ने मिलीभगत कर जगह बदल दी। ओरसा पंचायत की मुखिया अमृता देवी ने नाराजगी जताते हुए कहा, बिना पंचायत की अनुमति के योजना की चोरी की गई है। यह सरकारी नियमों का खुला उल्लंघन है। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई हो।ग्रामीणों ने कहा कि अगर जामडीह में स्वास्थ्य उपकेंद्र बनता तो 5-6 गांवों के हजारों लोगों को लाभ मिलता।
सेमरबुढ़नी में पहले से मौजूद है अस्पताल, फिर नया भवन क्यों?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस सेमरबुढ़नी गांव में नया भवन बनाया जा रहा है, वहां पहले से ही आयुष्मान आरोग्य मंदिर का भवन मौजूद है। वहां डॉक्टर, एएनएम और दवाइयों की व्यवस्था भी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब सेमरबुढ़नी में पहले से अस्पताल चल रहा है, तो सरकारी पैसे खर्च कर नया भवन बनाने की क्या जरूरत थी? बेहतर होता कि उन पैसों से जामडीह में नया उपकेंद्र बनता या पुराने अस्पताल को और बेहतर किया जाता।
डीसी ने जांच का दिया आश्वासन
इस संबंध में लातेहार के उपायुक्त संदीप कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा मामले की जानकारी मिली है। इसकी जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।

