
महुआडांड़: लातेहार जिले के महुआडांड़ प्रखंड स्थित ओरसा पंचायत के चीरो गांव में रविवार सुबह एक किसान पर दो जंगली भालुओं ने हमला कर दिया। इस घटना में किसान गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्रामीणों की सतर्कता से उसकी जान बच सकी। घायल का प्राथमिक उपचार महुआडांड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में करने के बाद बेहतर इलाज के लिए लातेहार सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।
खेत जाते समय हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, चीरो गांव निवासी चिल्कू नागेसिया (50 वर्ष) रविवार सुबह करीब 6 बजे रोज की तरह हल जोतने के लिए अपने खेत जा रहे थे। गांव से कुछ दूरी पर झाड़ियों में छिपे दो जंगली भालुओं ने अचानक उन पर हमला कर दिया। हमले में किसान गंभीर रूप से घायल हो गए।
ग्रामीणों ने बचाई जान
चिल्कू नागेसिया की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लोगों ने शोर मचाकर भालुओं को जंगल की ओर खदेड़ दिया। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने बिना देर किए घायल किसान को निजी वाहन से महुआडांड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया।
प्राथमिक उपचार के बाद लातेहार रेफर
सीएचसी में मौजूद चिकित्सकों ने घायल किसान का प्राथमिक उपचार किया। गंभीर चोटों को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए लातेहार सदर अस्पताल रेफर कर दिया।
वन विभाग ने दी तत्काल सहायता
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के वनपाल गुरुदयाल सिंह और वनकर्मी सुनील उरांव अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को विभागीय प्रावधानों के तहत तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई और नियमानुसार सरकार की ओर से मिलने वाले मुआवजे की प्रक्रिया जल्द पूरी कराने का आश्वासन दिया।
मुखिया ने भी जाना हालचाल
ओरसा पंचायत की मुखिया अमृता देवी भी अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने घायल किसान का हालचाल जाना और चिकित्सकों से बेहतर उपचार सुनिश्चित करने का आग्रह किया। साथ ही वन विभाग के अधिकारियों से बातचीत कर पीड़ित परिवार को शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की।
जंगल से सटे गांवों में बढ़ी दहशत
घटना के बाद चीरो समेत आसपास के जंगल से सटे गांवों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में भोजन की तलाश में जंगली जानवर अक्सर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ जाते हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं।
वहीं, वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने, अकेले जंगल या खेत की ओर नहीं जाने और किसी भी जंगली जानवर के दिखने पर तुरंत विभाग को सूचना देने की अपील की है। साथ ही विभाग ने कहा है कि वन्यजीवों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

