रिम्स में प्लास्टिक सर्जरी का नया दौर: विशेषज्ञों ने बताया कैसे आधुनिक तकनीक बदल रही जटिल इलाज की तस्वीर

रिम्स रांची में अंतरराष्ट्रीय प्लास्टिक सर्जरी दिवस पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। विशेषज्ञों ने आधुनिक तकनीकों, जटिल ऑपरेशन और पुनर्निर्माण सर्जरी में प्लास्टिक सर्जरी की बढ़ती भूमिका पर चर्चा की।

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रांची: अंतरराष्ट्रीय प्लास्टिक सर्जरी दिवस के अवसर पर रिम्स के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में क्विज प्रतियोगिता और शैक्षणिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दिवंगत प्लास्टिक सर्जन डॉ. सौरभ शर्मा की स्मृति में आयोजित द्वितीय वार्षिक प्लास्टिक सर्जरी क्विज से हुई, जिसमें विभिन्न विभागों के रेजिडेंट चिकित्सकों ने भाग लिया। इस दौरान वरिष्ठ प्लास्टिक सर्जन डॉ. प्रिंस गुप्ता ने “प्लास्टिक सर्जरी का वर्तमान परिदृश्य और भविष्य की संभावनाएं” विषय पर व्याख्यान देते हुए बताया कि सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा में प्लास्टिक सर्जरी की उपयोगिता लगातार बढ़ रही है। नई तकनीकों की मदद से अब पहले की तुलना में कहीं अधिक जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की जा रही हैं।

रिम्स के निदेशक डॉ. डीके सिन्हा ने कहा कि प्लास्टिक सर्जरी का दायरा लगातार बढ़ रहा है और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से जटिल से जटिल ऑपरेशन संभव हो रहे हैं। वहीं विभागाध्यक्ष डॉ. ए.के. कमल ने बताया कि कैंसर के बाद अंगों के पुनर्निर्माण में प्लास्टिक सर्जरी की महत्वपूर्ण भूमिका है। डॉ. प्रियंका केरकेट्टा ने कहा कि प्लास्टिक सर्जरी केवल सौंदर्य बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जन्मजात विकृतियों, जलने से हुई चोटों, सड़क दुर्घटनाओं और अन्य गंभीर चोटों के उपचार में भी इसकी अहम भूमिका है। प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में रिम्स के डीन डॉ. राजीव मिश्रा, अधीक्षक डॉ. हिरेन्द्र बिरुआ, डॉ. शैलेश त्रिपाठी सहित विभाग के कई चिकित्सक, शिक्षक और रेजिडेंट डॉक्टर मौजूद रहे।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।