
Jharkhand SIR : झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने नए निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि मृत मतदाताओं के परिजन संबंधित फॉर्म पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे, बल्कि कारण लिखकर उसे बीएलओ को वापस करेंगे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया केवल पात्र भारतीय नागरिकों के लिए है और गैर-भारतीयों का इसमें शामिल होना कानूनन अपराध है।
22 जुलाई को होगी अंतिम बैठक
के. रवि कुमार ने लोहरदगा में बीएलओ, बीएलए-2 और चुनाव पाठशाला के सदस्यों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 22 जुलाई को बीएलओ और बीएलए-2 की तीसरी और अंतिम बैठक होगी। इसके बाद सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा और 5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची के साथ एएसडीडी सूची भी प्रकाशित की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कोई भी पात्र भारतीय मतदाता सूची से छूटने नहीं पाए, इसके लिए पूरी सावधानी बरती जाए।
किन लोगों का नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर रहेगा?
निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार निम्नलिखित पांच श्रेणियों के लोगों को प्रारूप मतदाता सूची से बाहर रखा जाएगा
* डुप्लीकेट : जिनका नाम एक से अधिक जगह दर्ज है। वे केवल अपने स्थायी निवास वाले स्थान के फॉर्म पर हस्ताक्षर करेंगे और बाकी फॉर्म बिना हस्ताक्षर कारण लिखकर लौटाएंगे।
* मृत : मृत मतदाताओं के परिजन बिना हस्ताक्षर किए कारण लिखकर फॉर्म बीएलओ को सौंपेंगे।
* स्थायी रूप से स्थानांतरित : जो लोग स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर चले गए हैं। ऐसे मामलों में बीएलओ जांच के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेंगे।
* अनुपस्थित या पता नहीं चलने वाले : जिनके बारे में स्थानीय स्तर पर कोई जानकारी नहीं मिलती, उनकी जांच के बाद बीएलओ रिपोर्ट तैयार करेंगे।
* विदेशी : भारतीय नागरिक नहीं होने वाले लोगों को फॉर्म पर हस्ताक्षर नहीं करना चाहिए। गलत घोषणा करना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत दंडनीय अपराध हो सकता है।
गैर-भारतीयों के लिए भी स्पष्ट निर्देश
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि यदि किसी गैर-भारतीय के पास गलती से इन्यूमरेशन फॉर्म पहुंच जाता है, तो वह उसे बिना भरे और बिना हस्ताक्षर किए कारण बताते हुए बीएलओ को वापस कर दे।

