
India US Relations ; अमेरिका की ओर से लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग के खिलाफ की गई कार्रवाई के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने अमेरिकी न्याय विभाग की कार्रवाई और कनाडा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के बयान का संज्ञान लिया है। उन्होंने दोहराया कि भारत आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ अपने साझेदार देशों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
MEA ने क्या कहा?
मीडिया से बातचीत में रणधीर जायसवाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध, आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी और अवैध हथियारों के नेटवर्क वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती हैं। उन्होंने कहा कि इनसे निपटने के लिए भारत और अमेरिका के बीच कानून प्रवर्तन एजेंसियों का सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है।
कनाडा के बयान का भी किया जिक्र
विदेश मंत्रालय ने कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) की डिप्टी कमिश्नर लिसा मोरलैंड के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि जांच में भारतीय सरकारी एजेंटों की भूमिका साबित करने वाला कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। यह बयान 2023 में खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की जांच से जुड़ा है।
क्या है पूरा मामला?
अमेरिकी अधिकारियों ने हाल ही में आरोप लगाया है कि जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगी गोल्डी बराड़ ने हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश रची थी। इसी मामले में अमेरिकी न्याय विभाग ने संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की है।
भारत-कनाडा संबंधों का भी हुआ जिक्र
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत आतंकवाद और सीमा-पार संगठित अपराध के खिलाफ सहयोग बढ़ाने के पक्ष में है। बयान में यह भी संकेत दिया गया कि हाल के महीनों में भारत और कनाडा के संबंधों में सुधार की दिशा में सकारात्मक कदम उठाए गए हैं और दोनों देश विभिन्न स्तरों पर संवाद आगे बढ़ा रहे हैं।
नोट: यह खबर विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बयान और अमेरिकी एजेंसियों की कार्रवाई पर आधारित है। मामले से जुड़े आरोपों और जांच की प्रक्रिया संबंधित देशों की एजेंसियों के स्तर पर जारी है।

