कॉजपा और किसान संगठनों के ‘संसद चलो’ मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस ने दर्ज कीं चार प्राथमिकी

कॉजपा और किसान संगठनों के संसद चलो मार्च के दौरान हिंसा, पथराव और तोड़फोड़ को लेकर दिल्ली पुलिस ने चार प्राथमिकी दर्ज कीं, जबकि दो अन्य मामले दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।

Razi Ahmad
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नयी दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) और किसान संगठनों द्वारा 20 जुलाई को आयोजित “संसद चलो” मार्च के दौरान हुई हिंसा, तोड़फोड़ और अन्य घटनाओं के संबंध में दिल्ली पुलिस ने अब तक चार प्राथमिकी दर्ज की हैं।

साथ ही दिल्ली पुलिस दो अन्य मामले दर्ज करने की प्रक्रिया में है। पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि ये मामले संसद मार्ग, कनॉट प्लेस और अन्य थानों में दर्ज किए गए हैं, जिनमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), शस्त्र कानून और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के कई प्रावधानों को शामिल किया गया है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि एक प्राथमिकी कनॉट प्लेस स्थित रीगल सिनेमा के पास हुई हिंसा और पथराव के संबंध में दर्ज की गई है जबकि अन्य मामले गैर-कानूनी तरीके से एकत्र होने, संसद सत्र के दौरान बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाने व हिंसा के पीछे कथित साजिश से जुड़े हैं।

उन्होंने बताया कि मारपीट, कानून अपने हाथ में लेने और अन्य संबंधित अपराधों के संबंध में दो और प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, संसद मार्ग थाने में दर्ज प्राथमिकी बीएनएस की धारा 223(बी) (कानूनी आदेशों की अवज्ञा), धारा 221 (लोक सेवक को उसके कर्तव्यों के पालन में बाधा डालना), धारा 132 (लोक सेवक पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), धारा 121(1) (गैर-कानूनी सभा), धारा 189(3), 190, 191(2), 191(3) और 192 (गैर-कानूनी तरीके से एकत्र होने, दंगा करने और हिंसा से संबंधित), धारा 324(5) (शरारत), 109(1) (हत्या की कोशिश), 125 (लोगों की जान की खतरे में डालना) और 3(5) (सामान्य आशय से संबंधित); और धारा 61(2) (आपराधिक साजिश) के तहत दर्ज की गई है।

प्राथमिकी में सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के प्रावधानों को भी शामिल किया गया है।

प्राथमिकी के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर गैरकानूनी रूप से जमा होकर लोक व्यवस्था को बाधित किया, सरकारी अधिकारियों के कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा डाली, हिंसा में शामिल हुए और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।

सूत्र ने बताया कि मार्च के दौरान कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल में रीगल सिनेमा के पास हिंसा, पथराव और पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ के संबंध में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एक और प्राथमिकी दर्ज की गई है।

उन्होंने बताया कि हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कर्मियों पर कथित तौर पर पथराव किया और इलाके में तैनात कई पुलिस वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया।

जांचकर्ता हिंसा में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन से बने वीडियो, मोबाइल फोन से बने वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच कर रहे हैं।

सूत्रों ने कहा कि वे जांच के तहत सोशल मीडिया सामग्री और अन्य डिजिटल सामग्री का भी विश्लेषण कर रहे हैं।

एक पुलिस सूत्र के मुताबिक, जांचकर्ताओं ने दावा किया कि हिंसा के पीछे कथित साजिश से संबंधित प्राथमिकी तब दर्ज की गई जब उन्होंने उपद्रव को लेकर षडयंत्र का संकेत देने वाले कई महत्वपूर्ण सबूत मिले।

संसद सत्र के दौरान नयी दिल्ली जिले में एक मानव रहित हवाई वाहन (ड्रोन) को अनधिकृत रूप से उड़ाए जाने को लेकर दिल्ली पुलिस ने पहले कहा था कि वह फुटेज की प्रामाणिकता की पुष्टि कर रही है व क्षेत्र में लागू ड्रोन नियमों के संभावित उल्लंघन की जांच कर रही है।

संसद मार्च के दौरान सोमवार की झड़पों के बाद राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि इन झड़पों में 118 से अधिक कर्मी व 60 प्रदर्शनकारी घायल हो गए। पुलिस ने कहा कि 20 से अधिक पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हुए।

नयी दिल्ली, मध्य, उत्तर, दक्षिण, दक्षिण पश्चिम और दक्षिण पूर्व जिलों के अलावा अन्य संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

रणनीतिक स्थान पर बहुस्तरीय बैरिकेड लगाए गए हैं, वाहनों की जांच बढ़ाई गई है और संवेदनशील स्थानों, प्रमुख सरकारी प्रतिष्ठानों और प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि हिंसा की जांच आगे बढ़ रही है और तफ्तीश के दौरान एकत्र किए गए सबूतों के आधार पर पुलिस कर्मियों पर हमला करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और लोक व्यवस्था को बाधित करने में शामिल पाए गए सभी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।