

लातेहार: महुआडांड़ प्रखंड के ओरसा से छत्तीसगढ़ बॉर्डर तक पीडब्लूडी विभाग द्वारा करोड़ों की लागत से बनी कालीकरण सड़क निर्माण के बाद सालो में ही जगह-जगह से उखड़ने लगी है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और उखड़ी गिट्टी हादसे को दावत दे रही है। गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए सैकड़ों ग्रामीणों ने उपायुक्त संदीप कुमार से मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने मानक को ताक पर रखकर घटिया सामग्री से सड़क बनाई है। बरसात शुरू होते ही सड़क की परतें उखड़ गईं। बॉर्डर से सटे गांवों के लोग इसी सड़क से आवागमन करते हैं।





एंबुलेंस, स्कूल बस और मालवाहक वाहनों को भी इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। लेकिन सड़क की हालत इतनी खराब है कि आए दिन दोपहिया वाहन फिसलकर गिर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने कहा करोड़ों रुपए खर्च करके बनी सड़क अगर एक बरसात भी नहीं झेल पाई तो पैसा किसकी जेब में गया? यहां हादसा होना तय है। बच्चे स्कूल जाने से डरते हैं और मरीजों को अस्पताल ले जाने में दिक्कत होती है। ग्रामीणों ने उपायुक्त संदीप कुमार से मांग की है कि पीडब्लूडी के अभियंताओं और ठेकेदार की मिलीभगत की जांच कराई जाए। सड़क की गुणवत्ता, इस्तेमाल की गई सामग्री और एस्टीमेट की जांच एजेंसी से कराने की मांग की गई है। जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती और सड़क की मरम्मत नहीं होती, आंदोलन करने की चेतावनी भी दी गई है।
क्या कहते है प्रखंड उप प्रमुख अभय मिंज
इस मामले को लेकर प्रखंड उपप्रमुख अभय मिंज ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा, “संवेदक के द्वारा जल्दबाजी में घटिया और गड़बड़ कार्य किया गया है। सिर्फ लीपापोती कर योजना को खत्म कर दिया गया। मानक के अनुसार न तो सामग्री लगाई गई और न ही सही तरीके से कालीकरण हुआ। नतीजा ये है कि पहली ही बरसात में सड़क जगह-जगह से उखड़ गई।” उपप्रमुख अभय मिंज ने लातेहार उपायुक्त संदीप कुमार से मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
