JPSC घोटाले में बड़ा मोड़! पूर्व चेयरमैन एल ख्यांगते पर गिरफ्तारी की लटकी तलवार! CID आज तीसरी बार करेगी पूछताछ

जेपीएससी परीक्षा कथित घोटाले में पूर्व चेयरमैन एल ख्यांगते से सीआईडी आज तीसरी बार पूछताछ करेगी। डिजिटल सबूत, आरोपियों के बयान और बढ़ती जांच के बीच गिरफ्तारी की संभावना चर्चा में है।

4 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

रांची: जेपीएससी के पूर्व चेयरमैन और झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव एल ख्यांगते से सीआईडी की टीम शुक्रवार को तीसरी बार पूछताछ करेगी। इससे पहले मंगलवार और बुधवार को उनसे लंबी पूछताछ हो चुकी है। जेपीएससी परीक्षा में कथित धांधली के आरोपियों के बयान और टीडीपीएल के कंप्यूटर से मिले डिजिटल सबूतों के बाद एल ख्यांगते की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। सीआईडी के मुताबिक अब तक की पूछताछ में डेटा टेंपरिंग, ओएमआर शीट में कथित हेराफेरी और अन्य अनियमितताओं से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच के दौरान उनका पासपोर्ट भी जब्त कर लिया गया है। उनसे विदेश यात्राओं का पूरा ब्योरा लिया गया है। पिछली पूछताछ में उनकी अमेरिका यात्रा को लेकर भी कई सवाल पूछे गए थे। जांच की दिशा और आरोपियों के बयानों को देखते हुए एल ख्यांगते की गिरफ्तारी की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।

पूछताछ के लिए सीआईडी पहले से ही सवालों की लंबी सूची तैयार कर चुकी थी। उनके पहुंचते ही अधिकारियों ने एक के बाद एक सवाल पूछने शुरू कर दिए। जवाब देते समय एल ख्यांगते कई बार असहज भी दिखाई दिए। सीआईडी ने उनसे पूछा कि आखिर ब्लैकलिस्टेड कंपनी को काम कैसे दिया गया। इस पर उन्होंने कहा कि उन्हें कंपनी के ब्लैकलिस्टेड होने की जानकारी नहीं थी। उनका कहना था कि किसी भी एजेंसी के चयन से पहले सभी वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किया जाता है और उसी के बाद निर्णय लिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कंपनी पहले से ब्लैकलिस्टेड थी और उसने किसी तरह की गड़बड़ी की है, तो उसकी गहराई से जांच होनी चाहिए। सीआईडी ने टीडीपीएल के भौतिक और कानूनी सत्यापन को लेकर भी सवाल किए। इस पर ख्यांगते ने कहा कि बिना सत्यापन किसी भी कंपनी को काम नहीं दिया जाता। सभी नियमों का पालन किया गया था।

इधर, एल ख्यांगते के इस्तीफे के बाद से जेपीएससी चेयरमैन का पद अब भी खाली है। पहले ऐसी स्थिति में आयोग के सबसे वरिष्ठ सदस्य को कार्यवाहक चेयरमैन की जिम्मेदारी दे दी जाती थी। लेकिन इस बार मामला अलग है। आयोग के तीनों मौजूदा सदस्यों ने एक ही दिन और एक ही समय पर पदभार ग्रहण किया था, इसलिए यह तय करना मुश्किल हो गया है कि वरिष्ठता किस आधार पर तय की जाए।

जेपीएससी में फिलहाल तीन सदस्य हैंअनिमा हांसदा, अजीता भट्टाचार्य और डॉ. जमाल अहमद। तीनों की नियुक्ति 25 सितंबर 2021 को हुई थी। उन्होंने तत्कालीन चेयरमैन अमिताभ चौधरी के सामने सुबह 11:47 बजे एक साथ पदभार संभाला था। यानी नियुक्ति की तारीख और जॉइनिंग का समय पूरी तरह समान है। यही वजह है कि तीनों की वरिष्ठता बराबर मानी जा रही है। इनमें से एक सदस्य का कार्यकाल इसी साल अक्टूबर में समाप्त होगा, जबकि बाकी दो सदस्यों का कार्यकाल अगले साल पूरा होगा।

 

Share This Article
विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।