रांची: रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) लोहरदगा की टीम ने मानव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन आहट’ के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। आरपीएफ ने लोहरदगा स्टेशन से दो मानव तस्करों को गिरफ्तार करते हुए चार नाबालिग बालिकाओं को उनके चंगुल से बचा लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार 5 अगस्त की दोपहर एसआईबी आरपीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि नाबालिग बच्चियों को बहला-फुसलाकर अवैध रोजगार के नाम पर दूसरे राज्य ले जाने की तैयारी है।

सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आरपीएफ लोहरदगा की टीम ने स्टेशन परिसर में छापेमारी शुरू की। इस दौरान प्लेटफॉर्म संख्या-1 स्थित फुट ओवरब्रिज के पास एक पुरुष और महिला चार बच्चियों के साथ संदिग्ध स्थिति में दिखाई दिए। टीम ने तत्काल घेराबंदी कर दोनों को हिरासत में ले लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान तमिलनाडु के कोयंबटूर निवासी नंदकुमार वी और झारखंड के गुमला जिला विशुनपुर निवासी बिनीता कुमारी के रूप में हुई है। पूछताछ में तस्करों ने स्वीकार किया कि वे बच्चियों को अधिक वेतन का लालच देकर तमिलनाडु के एक टेक्सटाइल उद्योग में काम कराने ले जा रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि बच्चियों के पास आरक्षित टिकट तक नहीं थे, वे सामान्य टिकट पर यात्रा कर रही थीं।
आरपीएफ ने सभी विधिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों, चारों मुक्त कराई गई बालिकाओं और संबंधित दस्तावेजों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मानव तस्करी निरोधक इकाई (AHTU) लोहरदगा को सौंप दिया है। इस सफल अभियान में आरपीएफ के उपनिरीक्षक सुदर्शन पिंग, सहायक उपनिरीक्षक धर्मेंद्र कुमार मिश्रा, महिला प्रधान आरक्षी कल्पना कुमारी, आरक्षी शुभम कुमार, सहायक उपनिरीक्षक निर्मल कुमार और प्रधान आरक्षी रंजीत कुमार की सराहनीय भूमिका रही। अधिकारियों ने पूरी टीम की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई की तारीफ की है।


