

रांची: राजधानी रांची को व्यवस्थित, सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए रांची नगर निगम ने व्यापक स्तर पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सोमवार को नगर निगम की ओर से सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले कोचिंग संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया गया। वहीं शहर की मुख्य सड़कों पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई।





नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में शहर के करीब 1,305 कोचिंग संस्थानों की स्थिति की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान सुरक्षा, भवन उपविधियों (बाय-लॉज) और अग्निशमन नियमों का पालन न करने वाले कोचिंग संस्थानों के खिलाफ सीधे सीलिंग की कार्रवाई करने का कड़ा निर्देश जारी किया गया है।
निगम ने स्पष्ट किया है कि बिना ट्रेड लाइसेंस, बिना वैध भवन प्लान, अग्नि सुरक्षा (Fire NOC) के अभाव, संकीर्ण प्रवेश-निकास और क्षमता से अधिक नामांकन वाले संस्थानों पर गाज गिरना तय है। इसके अलावा आवासीय भवनों में गैर-कानूनी ढंग से चलाए जा रहे कोचिंग सेंटरों को भी तुरंत सील किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर, यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए उप नगर आयुक्त रविंद्र कुमार के नेतृत्व में एकरा मस्जिद से सुजाता चौक तक विशेष अभियान चलाया गया।
इस दौरान रोसपा टावर, चर्च कॉम्प्लेक्स और हेब्रोन सिटी बिल्डिंग जैसे प्रमुख भवनों में गिफ्ट डीड (सड़क चौड़ीकरण के लिए दी गई जमीन) और सेटबैक एरिया की मापी कर अतिक्रमण को चिह्नित किया गया। कार्रवाई के तहत रोसपा टावर के गिफ्ट डीड क्षेत्र में अवैध रूप से चल रहे दो प्रतिष्ठानों को ध्वस्त कर हटाया गया, जबकि रीबॉक और स्केचर्स शोरूम द्वारा गिफ्ट डीड व पार्किंग क्षेत्र में अवैध विज्ञापन लगाने पर 25,000-25,000 का भारी जुर्माना भी ठोका गया।
अभियान के दौरान पांच ठेले, एक गुमटी और सड़क किनारे कब्जा जमाए अन्य सामानों को जब्त कर पूरे मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। साथ ही, झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन करते हुए मार्ग में 12 फीट से कम ऊंचाई वाले होर्डिंग्स, मोनोपोल तथा रोड मीडियन पर बने अवैध बोर्ड्स को उखाड़ फेंका गया। उप नगर आयुक्त ने साफ किया है कि रांची को मास्टर प्लान के अनुरूप सुव्यवस्थित और जाम-मुक्त बनाने तक यह सख्त अभियान लगातार जारी रहेगा।
