

रांची: राजधानी को आवारा, हिंसक और रेबीज संक्रमित कुत्तों की समस्या से निजात दिलाने तथा पशु कल्याण को बढ़ावा देने के लिए रांची नगर निगम एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। शहर के बड़गई में लगभग 1.90 एकड़ भूमि पर एक आधुनिक डॉग शेल्टर होम सह पशु जन्म नियंत्रण केंद्र स्थापित किया जाएगा।





इस पहल से एक ओर जहां सड़कों पर घूम रहे आक्रामक कुत्तों को आश्रय देकर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, वहीं दूसरी ओर वैज्ञानिक और मानवीय तरीके से इनकी आबादी पर भी रोक लगाई जा सकेगी।
नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने शुक्रवार 21 अगस्त को निगम के वरीय अधिकारियों के साथ मौजा बड़गाई स्थित प्रस्तावित भूमि का स्थलीय निरीक्षण कर कार्ययोजना की समीक्षा की। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप विस्तृत डिजाइन तैयार कर जल्द से जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है।
प्रस्तावित योजना के अनुसार, इस पूरे परिसर में डॉग शेल्टर होम को प्रमुखता से विकसित किया जाएगा। शेल्टर होम में आक्रामक कुत्तों, लावारिस स्ट्रीट डॉग्स और रेबीज से प्रभावित कुत्तों को अलग-अलग रखने के लिए विशेष वार्ड और बाड़े बनाए जाएंगे। सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पूरे परिसर में गार्ड रूम, बाउंड्री वॉल, सुगम आवागमन मार्ग और स्वास्थ्य देखभाल की समुचित व्यवस्था होगी।
इसके साथ ही, नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा स्वीकृत 2.10 करोड़ की राशि से इसी परिसर के 20.2 डिसमिल हिस्से में पशु आश्रय-सह-जन्म नियंत्रण केंद्र बनाया जाएगा। जहां आवारा कुत्तों की वैज्ञानिक तरीके से नसबंदी (स्टेरलाइजेशन) और एंटी-रेबीज टीकाकरण की व्यवस्था होगी।
नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि निगम का मकसद न केवल शहरवासियों को डॉग बाइट्स और रेबीज के खतरे से बचाना है, बल्कि जानवरों के कल्याण के साथ एक सुरक्षित और व्यवस्थित शहरी परिवेश का निर्माण करना भी है। निर्माण कार्य को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के लिए अधिकारियों को तेजी से आगे बढ़ने का निर्देश दिया गया है।
