

रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है, जहां सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए बड़े पैमाने पर जन्मतिथि और उम्र के दस्तावेजों में हेरफेर की बात सामने आई है। संताल परगना और उत्तरी छोटानागपुर के जिलों से सबसे ज्यादा शिकायतें मिली हैं, जिनमें कम उम्र वालों को अधिक और अधिक उम्र वालों को कम दर्शाकर फर्जी दस्तावेज तैयार कराए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मतदाता सूची में दर्ज उम्र और प्रस्तुत दस्तावेजों के बीच विसंगति पाए जाने पर संबंधित मतदाता को पक्ष रखने का पूरा मौका दिया जाए। उन्होंने एक ही खतियान और वंशावली से जुड़े मामलों का समेकित परीक्षण करने और माता-पिता, बच्चों व पूर्वजों के अभिलेखों के आधार पर उम्र व पारिवारिक संबंधों की तार्किक जांच के बाद ही कोई आदेश पारित करने का निर्देश दिया है।





साथ ही, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि नोटिस की सुनवाई और प्रक्रिया का उद्देश्य किसी भी पात्र नागरिक को परेशान करना नहीं, बल्कि मतदाता सूची की विसंगतियों को दूर करना है। इसके लिए सुनवाई मतदाता के घर के पास वाले मतदान केंद्र पर ही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। वहीं दूसरी ओर रांची में जिला निर्वाचन पदाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने एसआईआर के तहत लंबित मामलों, फॉर्म-6/8 के निष्पादन, घर-घर भ्रमण और फैमिली टुगेदर स्टीकर लगाने के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयसीमा के भीतर सभी दावों-आपत्तियों और लंबित मामलों का त्वरित नियमानुसार निष्पादन करने का सख्त निर्देश दिया है।
