


रांची : अझारखंड में कुपोषण को खत्म करने और बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के मकसद से महीने भर चलने वाले ‘राष्ट्रीय पोषण माह’ का औपचारिक आगाज हो गया है। इस अभियान के तहत राज्य के 38,957 आंगनवाड़ी केंद्रों के जरिए बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और किशोरियों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। वर्तमान में राज्य सरकार की योजनाओं के तहत 3 से 6 वर्ष के 10.60 लाख से अधिक बच्चों को रोजाना ताजा पका हुआ गर्म भोजन और एक अंडा दिया जा रहा है, जबकि 12.63 लाख से अधिक अन्य लाभार्थियों को टेक होम राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।





पोषण माह के दौरान राज्य भर की 38,000 से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता खाना पकाने के लाइव प्रदर्शन के माध्यम से परिवारों को जागरूक करेंगी। सामाजिक कल्याण निदेशक किरण पासी के अनुसार, इन प्रदर्शनों का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सब्जियों, अनाज और पौष्टिक खाद्य पदार्थों के उपयोग से प्रोटीन युक्त और संतुलित आहार को बढ़ावा देना है। इसके अलावा बच्चे के जन्म के बाद ऊपरी आहार की शुरुआत, स्तनपान, स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य जांच जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी पूरे महीने जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। सेवाओं की सटीक निगरानी और बच्चों के शारीरिक विकास को दर्ज करने के लिए रियल टाइम पोषण ट्रैकर का उपयोग किया जा रहा है।
इस वर्ष के पोषण माह को मुख्य रूप से पांच थीमों पर आधारित किया गया है, जिनमें आहार में विविधता, ताजा गर्म भोजन, सामुदायिक जवाबदेही, प्रारंभिक बचपन का विकास और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के 10 साल का मील का पत्थर शामिल हैं। राज्य में पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, जमीनी स्तर पर नियमित समीक्षा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रयासों के कारण बाल कुपोषण के आंकड़ों में सकारात्मक सुधार देखा गया है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) में पांच साल से कम उम्र के बच्चों में गंभीर कुपोषण की दर जो पहले 9.1 प्रतिशत थी, वह NFHS-6 के हालिया आंकड़ों में घटकर 5.9 प्रतिशत पर आ गई है।
