हड़ताल के समर्थन में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने बिजुलिया ओवरब्रिज के पास से गांधी चौक तक जुलूस निकाला। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए और सरकार से लंबित मुद्दों पर जल्द फैसला लेने की मांग की।
पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था प्रमुख मांग
बैंक यूनियनों की प्रमुख मांग सप्ताह में पांच दिन बैंक खोलने की है। यूनियनों के मुताबिक 8 मार्च 2024 को हुए द्विपक्षीय समझौते में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था का प्रस्ताव शामिल किया गया था, लेकिन अब तक इसे अंतिम मंजूरी नहीं मिली है। प्रस्ताव के तहत सोमवार से शुक्रवार तक बैंकिंग कार्य करने की व्यवस्था की बात कही गई है।
इसके अलावा परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) में बदलाव, पर्याप्त संख्या में बैंक कर्मचारियों की भर्ती, पेंशन से जुड़े मामलों के समाधान और NPS-OPS समेत कई अन्य लंबित मांगों को भी कर्मचारियों ने प्रमुखता से उठाया।
नकद लेनदेन से चेक क्लियरेंस तक सेवाएं प्रभावित
हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में नकद जमा और निकासी, चेक से जुड़े काम, दस्तावेजी प्रक्रिया और पासबुक अपडेट जैसी कई सेवाएं प्रभावित रहीं। इसका असर आम ग्राहकों के अलावा कारोबारियों और पेंशनभोगियों पर भी पड़ा।
शाखाओं में कामकाज बाधित रहने से रामगढ़ शहर समेत जिले के विभिन्न इलाकों में स्थानीय व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित होने की बात सामने आई। हालांकि एटीएम, यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं उपलब्ध रहीं, जबकि चेक क्लियरेंस और अन्य शाखा आधारित सेवाओं में देरी की संभावना बनी रही।
आगे भी आंदोलन की चेतावनी
11 सितंबर की हड़ताल के बाद 12 सितंबर को दूसरा शनिवार और 13 सितंबर को रविवार है। ऐसे में बैंक शाखाओं में नियमित कामकाज लगातार तीन दिनों तक प्रभावित रहेगा।
UFBU ने मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने की स्थिति में 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल का कार्यक्रम घोषित किया है। इसके बाद भी समाधान नहीं निकलने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है।
कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि मांगों के समाधान तक आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।

