रांची : JSSC-CGL परीक्षा में गड़बड़ी और अदालत में सरकार के बदलते रुख पर निशाना साधते हुए नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि हाई कोर्ट में सरकार द्वारा दाखिल नए हलफनामे में परीक्षा प्रक्रिया को दूषित मानना यह साबित करता है कि पहले अदालत को गुमराह करने की कोशिश की गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब CID की शुरुआती जांच में सब कुछ सही बताया गया था, तो अब अचानक पूरी प्रक्रिया को दूषित कैसे मान लिया गया। उन्होंने इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मंशा और जवाबदेही पर सवाल खड़ा करते हुए पूछा कि क्या इतनी बड़ी धांधली बिना शीर्ष नेतृत्व की जानकारी और सहमति के संभव थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच का दायरा केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित रखकर बड़े अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने JSSC के अध्यक्ष और सचिव समेत जांच से जुड़े शीर्ष अधिकारियों की भूमिका पर कड़े सवाल उठाए और सरकार से पारदर्शी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि JSSC से प्रशांत कुमार और सुधीर गुप्ता तथा CID ADG के पद से मनोज कौशिक को तुरंत हटाया जाना चाहिए, साथ ही अनुराग गुप्ता समेत अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। स्पष्ट किया कि जब तक इस पूरे बहाली घोटाले की स्वतंत्र जांच सीबीआई से नहीं कराई जाती, तब तक लाखों अभ्यर्थियों को न्याय नहीं मिल सकता और JSSC तथा JPSC जैसी संस्थाओं की खोई हुई साख वापस नहीं आ सकती।


