रांची: कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) अपने लगभग 64 हजार से अधिक अवैध कब्जे वाले आवासों को खाली कराने के लिए एक बड़े अभियान की शुरुआत करने जा रहा है। वर्षों से जर्जर पड़े और अनाधिकृत कब्जे में चल रहे इन क्वार्टरों को मुक्त कराकर या तो ध्वस्त किया जाएगा या फिर मरम्मत कर कर्मचारियों को लीज पर दिया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नए क्वार्टरों के निर्माण पर होने वाले भारी खर्च को बचाना और कंपनी की संपत्तियों का बेहतर प्रबंधन करना है।
आंकड़ों के अनुसार, कोल इंडिया के पास कुल 59,972 आवासों में से 49,253 लीगल आवास हैं, जबकि 10,616 अवैध कब्जे में हैं। पूरे कोल इंडिया क्षेत्र में 64,472 क्वार्टरों पर बाहरी लोगों या अनधिकृत व्यक्तियों का कब्जा है। अकेले सीसीएल क्षेत्र की बात करें तो यहां के 10,616 आवासों में से 449 क्वार्टरों पर अवैध कब्जा है। इसके अलावा बीसीसीएल में 13,294 और ईसीएल में 5,043 क्वार्टर अवैध रूप से कब्जे में हैं।
इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से लागू करने के लिए कोल इंडिया एक विशेष एक्शन प्लान और डेटा बेस तैयार कर रहा है। इसके तहत एक समिति का गठन किया गया है, जिसमें कार्मिक निदेशक को अध्यक्ष और वित्त व तकनीकी निदेशकों को सदस्य बनाया गया है। यह समिति अवैध कब्जे वाले क्वार्टरों का पूरा विवरण जुटाकर उन्हें खाली कराने और कर्मचारियों के लिए लीज पॉलिसी तैयार करने की दिशा में कार्य कर रही है।


