सलमान के एशियाई खेलों में पदक जीतने से अमेठी में जश्न का माहौल

एशियाई खेलों की रोइंग प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर अमेठी लौटे सलमान खान, क्षेत्र में जश्न का माहौल।

Razi Ahmad
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अमेठी: अमेठी जिले के तिलोई क्षेत्र के एक किसान के बेटे 28 वर्षीय सलमान खान के एशियाई खेलों की रोइंग प्रतियोगिता में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतने के बाद बृहस्पतिवार को यहां जश्न का माहौल बन गया।

सलमान खान एशियाई खेलों में पुरुषों की डबल स्कल्स स्पर्धा में भारत के लिए पदक जीतने वाली जोड़ी का हिस्सा थे। भारत ने पहली बार एशियाई खेलों में इस प्रतियोगिता में पदक जीता।

प्योर सिंगाई खेरूना गांव के निवासी कासिम खान और जबुरुन्निशा के बेटे सलमान ने सतनाम सिंह के साथ मिलकर पुरुषों की डबल स्कल्स स्पर्धा में 6:13.25 का समय दर्ज किया। उनका परिवार कृषि से जुड़ा हुआ है।

यह उपलब्धि सलमान के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण थी क्योंकि यह उनका एशियाई खेलों का पहला पदक था।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि उनका ‘‘संयम और समन्वय शानदार था’’ और इससे उन्हें आगे और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी।

सलमान के पदक जीतने के बाद अमेठी में जश्न का माहौल है तथा जिला खेल अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों और कोच ने उन्हें बधाई दी है।

सलमान का एशियाई खेलों के पोडियम तक का सफर 2018 में शुरू हुआ जब वह भारतीय सेना के बॉम्बे इंजीनियरिंग ग्रुप में भर्ती हुए। कोच सत्यवान, सतीश सिरात और प्रभात मिश्रा ने उन्हें रोइंग से परिचित कराया, जिसके बाद उन्होंने अपनी बटालियन का प्रतिनिधित्व किया।

बाद में वह आर्मी रोइंग नोड में शामिल हो गए, जहां उन्होंने सीनियर कोच कुदरत अली के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लिया। सलमान ने 2022 के राष्ट्रीय खेलों और इंडोर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद उन्होंने 2023 में सीनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।