रांची: झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 30 सितंबर को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। मोर्चा का दावा है कि राज्य के 200 से अधिक प्रखंडों में बंद और आंदोलन की तैयारी की गई है। अखिल भारतीय किसान सभा ने भी इस बंद को समर्थन देने की बात कही है।

आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में विस्थापितों को उचित मुआवजा, रोजगार और पुनर्वास की व्यवस्था, विस्थापन आयोग का गठन और झारखंड आंदोलनकारियों के लिए समान पेंशन शामिल है। इसके अलावा आंदोलनकारियों के बेटे-बेटियों को सरकारी नौकरी में सीधी नियुक्ति देने की मांग भी उठाई गई है।
किसानों से जुड़ी मांगों में 60 वर्ष से अधिक उम्र के किसानों को हर महीने 10 हजार रुपये पेंशन देने और कर्जमाफी की मांग शामिल है।
मोर्चा ने कृषि निदेशालय में कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए अधिकारियों के लंबे समय से एक ही पद पर बने रहने का मुद्दा भी उठाया है।
मोर्चा के संस्थापक पुष्कर महतो ने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की, तो 15 नवंबर से रांची के बिरसा चौक पर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया जाएगा। संगठन ने इस आंदोलन में राज्यभर से 25 हजार से 50 हजार लोगों को जुटाने का दावा किया है।
इसके साथ ही मांगें पूरी नहीं होने पर जिला मुख्यालयों में कृषि भवनों के घेराव की भी चेतावनी दी गई है। बंद को लेकर अब प्रशासन और आंदोलनकारी संगठनों की तैयारियों पर सभी की नजरें हैं।


