BIG BREAKING: बड़गाई जमीन मामले में सीएम हेमंत सोरेन पर आरोप गठित, PMLA कोर्ट में अब शुरू होगा ट्रायल

बड़गाई जमीन मामले में हेमंत सोरेन के खिलाफ PMLA कोर्ट ने आरोप तय किए, हाई कोर्ट से भी तत्काल राहत नहीं मिली, अब ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

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रांची : बड़गाई अंचल से जुड़ी 8.86 एकड़ जमीन मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ PMLA की विशेष अदालत ने आरोप तय कर दिए हैं। केस की सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोप गठन का फैसला सुनाया। अब इस मामले में ट्रायल शुरू होगा। सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुए। उनकी ओर से अधिवक्ता ने पक्ष रखा, जबकि ईडी ने भी अपनी दलीलें कोर्ट के सामने रखीं। सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप तय करने का फैसला किया। इस मामले में ED की ओर से सीएम हेमंत सोरेन के खिलाफ कई तथ्य अदालत के सामने रखे गए हैं। इन्हीं तथ्यों के आधार पर PMLA की विशेष अदालत में आरोप गठन की कार्रवाई हुई है। अब मामले में ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा- उन्हें फंसाया जा रहा है

आरोप तय होने से पहले कोर्ट में हेमंत सोरेन की ओर से उनके अधिवक्ता ने दलीलें रखीं। खुद हेमंत सोरेन ने भी कहा कि उन्हें इस मामले में फंसाया जा रहा है। वह निर्दोष हैं। उन्होंने कहा कि बड़गाई अंचल से जुड़ी जमीन से उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि ED ने अदालत के सामने गलत जानकारी पेश की है। हालांकि, कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप तय करने का फैसला सुनाया। अब मामले की सुनवाई ट्रायल के चरण में पहुंचेगी। हेमंत सोरेन की ओर से उनके अधिवक्ता अदालत में अपना पक्ष और दलीलें रखेंगे। वहीं, ED की ओर से भी मामले से जुड़े और तथ्य कोर्ट के सामने पेश किए जाएंगे। इसके बाद लंबी सुनवाई और बहस के बाद मामले में सजा के बिंदु पर सुनवाई होगी।

हाई कोर्ट से भी नहीं मिली राहत

हेमंत सोरेन को इसी दिन हाई कोर्ट से भी राहत नहीं मिली। PMLA की विशेष अदालत में चल रही सुनवाई पर रोक लगाने के लिए दायर याचिका पर हाई कोर्ट ने तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया। हालांकि, हाई कोर्ट ने ED को एक शपथ पत्र दाखिल करने का आदेश दिया है। वहीं, निचली अदालत में चल रही कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को तय की गई है।

बता दें कि बड़गाई लैंड स्कैम मामले में राजस्वकर्मी भानु प्रसाद प्रताप, अंतू तिर्की, बिजेंद्र सिंह, बिपिन सिंह, प्रियरंजन सहाय, मनोज कुमार यादव, कुमार राजश्री, राजकुमार पाहन, संजीत कुमार, विनोद कुमार सिंह, शेखर कुशवाहा, तापस घोष, मोहम्मद इरसाद अख्तर, अफसर अली, मोहम्मद सद्दाम हुसैन और मोहम्मद इरसाद समेत कई लोग आरोपी हैं।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।