कल्याण विभाग के 540 छात्रावासों के विद्यार्थियों को जनवरी से मिलेगा मुफ्त भोजन, विभाग ने प्रक्रिया पूरी करने के दिए निर्देश

झारखंड के 540 छात्रावासों में रह रहे 25 हजार से अधिक विद्यार्थियों को जल्द नियमित भोजन मिलेगा। सरकार हर छात्र के भोजन पर हर महीने 3,000 रुपये खर्च करेगी।

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रांची: झारखंड सरकार के कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य के 540 छात्रावासों में रह रहे 25 हजार से अधिक एससी, एसटी और पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के विद्यार्थियों को इस वर्ष के अंत तक या जनवरी 2027 से नियमित भोजन मिलना शुरू हो जाएगा। इस व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए कल्याण विभाग ने सभी जिलों के उपायुक्तों को पत्र लिखकर इसी माह टेंडर प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है।

प्रति विद्यार्थी 3000 रुपये देगी सरकार, जिला स्तर पर होगा एजेंसी का चयन

योजना के तहत छात्रावास में रहने वाले प्रत्येक विद्यार्थी के भोजन पर सरकार प्रति माह 3,000 रुपये उपलब्ध कराएगी। विद्यार्थियों को दिन में तीन बार सुबह का नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात का भोजन दिया जाएगा। पहले एजेंसी चयन की प्रक्रिया राज्य स्तर से होनी थी, जिससे पर्याप्त संख्या में आवेदन न मिलने के कारण टेंडर बार-बार रद्द करना पड़ रहा था और योजना में देरी हो रही थी। अब प्रक्रिया में बदलाव करते हुए जिला स्तर पर टेंडर और एजेंसी चयन की जिम्मेदारी दे दी गई है। जिला स्तर से चयन पूरा होते ही राज्य स्तर से राशि जारी कर दी जाएगी।

प्रति 100 विद्यार्थियों पर नियुक्त होंगे तीन कर्मी

छात्राओं व छात्रों की भोजन व्यवस्था और छात्रावास के संचालन के लिए कर्मियों की भी तैनाती की जाएगी। प्रत्येक 100 विद्यार्थियों के अनुपात में तीन कर्मी नियुक्त किए जाएंगे, जिनमें एक प्रबंधक, एक रसोइया और एक सफाई कर्मी शामिल होगा। इन कर्मियों को मानदेय देने के लिए अलग से राशि प्रदान की जाएगी।

कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने दी जानकारी

कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने बताया कि विद्यार्थियों को भोजन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया लगातार जारी थी, लेकिन राज्य स्तरीय टेंडर में एजेंसियों के कम हिस्सा लेने की वजह से विलंब हुआ। अब विकेंद्रीकरण करते हुए जिम्मेदारी जिलों को सौंप दी गई है। दिसंबर के अंत तक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, जिससे जनवरी 2027 से छात्रों को अपने स्तर पर भोजन पकाने की झंझट से मुक्ति मिलेगी और उन्हें छात्रावास में ही नियमित पका-पकाया पौष्टिक भोजन मिलने लगेगा।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।