रांची: रांची विश्वविद्यालय (आरयू) ने पीएचडी डिग्री अवार्ड के लिए नए ‘यूजीसी रेगुलेशंस एंड स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर्स-2026‘ के तहत पीएचडी कोर्सवर्क के पाठ्यक्रम और परीक्षा प्रारूप को अंतिम रूप दे दिया है। विश्वविद्यालय ने सभी विभागाध्यक्षों को 26 नवंबर तक कोर्सवर्क का विस्तृत सिलेबस ईमेल पर रिसर्च डायरेक्टर को भेजने का निर्देश जारी किया है, ताकि 2 जनवरी 2027 से बिना किसी देरी के कोर्सवर्क की कक्षाएं शुरू की जा सकें।
सत्र 2026-27 से प्रभावी होगा नया प्रारूप
यह नया प्रारूप शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पूरी तरह लागू होगा। नियमों के मुताबिक, पंजीकृत शोधार्थी को अधिकतम दो सेमेस्टर परीक्षाओं के भीतर इस कोर्सवर्क को पास करना अनिवार्य होगा। यदि कोई अभ्यर्थी दो प्रयासों में भी परीक्षा उत्तीर्ण करने में विफल रहता है, तो उसका पीएचडी नामांकन स्वतः रद्द माना जाएगा।
कोर्सवर्क का नया ढांचा
एक सेमेस्टर 6 माह की अवधि वाले इस कोर्सवर्क में कुल 12 क्रेडिट निर्धारित किए गए हैं। पूरे कोर्सवर्क को तीन अलग-अलग पेपरों (प्रत्येक 4 क्रेडिट) में बांटा गया है। जहां
कोर्स-1में रिसर्च मेथोडोलॉजी, रिसर्च पब्लिकेशन एथिक्स और संबंधित विषय में कंप्यूटर एप्लीकेशन्स, कोर्स-2 में विषय-विशिष्ट पाठ्यक्रम और कोर्स-3 में विषय-विशिष्ट एनालिटिकल, इंस्ट्रूमेंटल तकनीक को शामिल किया गया है।
प्रत्येक कोर्स को दो सेक्शन में विभाजित किया गया है। सेक्शन-ए (सभी विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य व कॉमन) तथा सेक्शन-बी (विषय-विशिष्ट ऐच्छिक)। क्रेडिट नियमों के अनुसार, 1 क्लासरूम क्रेडिट के लिए 15 घंटे की पढ़ाई और 1 प्रैक्टिकल/लैब/स्टडी क्रेडिट के लिए 30 घंटे का कार्य अनिवार्य किया गया है।
परीक्षा प्रणाली और पासिंग मार्क्स
प्रत्येक कोर्स की एंड-सेमेस्टर परीक्षा 3 घंटे की होगी। 100 अंकों का कुल पूर्णांक दो समूहों में बंटा होगा जिसमें 10-10 अंकों के दो अनिवार्य लघु उत्तरीय प्रश्न और 15-15 अंकों के तीन विवरणात्मक प्रश्न शामिल होंगे। कोर्सवर्क परीक्षा में सफल होने के लिए शोधार्थियों को प्रत्येक पेपर में कम से कम 40% अंक और कुल मिलाकर न्यूनतम 4.0 एसजीपीए (SGPA) हासिल करना अनिवार्य होगा।



