लखनऊ: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नवनियुक्त अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने रविवार को शारदीय नवरात्र के पहले दिन औपचारिक रूप से पदभार संभाल लिया।

हालांकि, इस दौरान लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में दो गुटों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
पार्टी मुख्यालय में मौजूद एक नेता ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि किसी कार्यकर्ता की बात से नाराज होकर पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अजय राय कार्यक्रम से बाहर चले गए थे हालांकि, राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी और कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष एवं सांसद इमरान मसूद की पहल पर उन्हें वापस कार्यालय लाया गया।
नेता ने सोशल मीडिया पर मारपीट की खबरों को गलत बताते हुए कहा कि कार्यक्रम की सभी औपचारिकताएं पूरी की गईं और पार्टी नेताओं के बीच कोई मनमुटाव नहीं है।
इस बीच, तिवारी और मसूद द्वारा अजय राय को समझाने का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ।
कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने ‘एक्स’ पर बताया कि आराधना मिश्रा ने प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम के मार्गदर्शन में नेहरू भवन स्थित पार्टी मुख्यालय में पदभार संभाला।
पोस्ट के मुताबिक, उन्होंने (आराधना मिश्रा ने) पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए संगठन को मजबूत करने और अपने दायित्वों का निष्ठा से निर्वहन करने का संकल्प लिया।
आराधना मिश्रा ने पदभार संभालने के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा पर जोर दिया।
उन्होंने मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों, चुनाव की निष्पक्षता और निर्वाचन आयोग की जवाबदेही से जुड़े मुद्दे उठाए।
नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष ने बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और किसानों तथा मजदूरों की समस्याओं को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ साप्ताहिक ‘चार्जशीट अभियान’ शुरू करने की घोषणा भी की।
इस अभियान के तहत हर सप्ताह जनहित से जुड़े एक प्रमुख मुद्दे पर आरोपपत्र जारी कर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
मिश्रा ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया।
कांग्रेस ने दो अक्टूबर को आराधना मिश्रा ‘मोना’ को प्रदेश अध्यक्ष और इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया था।


