नयी दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने रविवार को आरोप लगाया कि शनिवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने महिलाओं, वकीलों और पत्रकारों समेत प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीकों से जारी रहेगा।

सिंह ने यहां संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि अधिकारियों ने राष्ट्रीय राजधानी में मेट्रो स्टेशन बंद करके, ट्रेन रोककर, इंटरनेट सेवा पर पाबंदी लगाकर और भारी पुलिस बल तैनात करके लोगों के विरोध करने के अधिकार को सीमित कर दिया।
उन्होंने दावा किया कि शनिवार को दिल्ली में 6,000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया और प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया गया।
सिंह ने पुलिसकर्मियों पर गुरुद्वारे में घुसने और वहां शरण लेने वाले लोगों को हिरासत में लेने का भी आरोप लगाया। उन्होंने इसे धार्मिक स्थल और उसकी परंपराओं का अपमान करार दिया।
‘आप’ सांसद ने आरोप लगाया कि इन घटनाओं की कवरेज कर रहे पत्रकारों को भी हिरासत में लिया गया।
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार पर चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ उठने वाली आवाज को दबाने का आरोप लगाया और सीईसी कुमार के इस्तीफे की मांग की।
‘आप’ नेता गोपाल राय ने कहा कि ये विरोध-प्रदर्शन एक बड़े आंदोलन की शुरुआत हैं। उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
राय ने सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बावजूद हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या का हवाला देते हुए भाजपा के इस दावे पर सवाल उठाया कि विरोध-प्रदर्शन विफल रहा। उन्होंने छात्रों और युवाओं से शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन जारी रखने की अपील की।
राय ने कहा, ‘‘आंदोलन शुरू हो चुका है और यह लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीकों से अपने लक्ष्य तक पहुंचेगा।’’ उन्होंने सरकार को शनिवार जैसी कार्रवाई न दोहराने की चेतावनी भी दी।
कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने शनिवार को दिल्ली में जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया था, लेकिन राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शकारियों को रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कई पाबंदियां लगाई गई थीं।


