अमृतसर: शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने शनिवार को कहा कि नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की तस्वीर अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर स्थित केंद्रीय सिख संग्रहालय में लगाई जाएगी। झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा में एक मेडिकल स्टोर के मालिक ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। धामी ने शुक्रवार को झोटा के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि यह पहल नशे के खिलाफ झोटा के संघर्ष और पंजाब के युवाओं को नशे से बचाने के उनके संकल्प की याद दिलाएगी।

धामी ने एक बयान में कहा कि पंजाब के युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए संघर्ष करते हुए जान गंवाने वाले झोटा के बलिदान को सिख समुदाय हमेशा याद रखेगा।एसजीपीसी अध्यक्ष ने कहा कि झोटा ने नशे के खिलाफ और युवा पीढ़ी को इसकी लत से बचाने के लिए जो अभियान शुरू किया था, उसे आगे बढ़ाना आज समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘‘झोटा की तस्वीर श्री हरमंदिर साहिब परिसर स्थित केंद्रीय सिख संग्रहालय में लगाई जाएगी। नशे के खिलाफ अभियानों में योगदान देने वाले युवाओं के साहस और समर्पण को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।’’ धामी ने झोटा के परिवार को इस मुश्किल समय में एसजीपीसी की ओर से हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसी परिस्थितियों में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होना सिख संस्थाओं का कर्तव्य है। वे अकेले नहीं हैं।’’ एसजीपीसी अध्यक्ष ने झोटा के साथ घायल हुए चार लोगों के स्वास्थ्य के बारे में भी जानकारी ली और उनमें से प्रत्येक को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
इससे पहले शुक्रवार को अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने झोटा को सिख समुदाय के शहीद का दर्जा दिया था। झोटा की मंगलवार को मानसा के एक व्यस्त बाजार में मेडिकल स्टोर के अंदर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। झोटा ने मेडिकल स्टोर के मालिक अश्विनी कुमार से एक बुजुर्ग व्यक्ति को नशीली दवाएं बेचने को लेकर सवाल किया था, जिसके बाद कुमार ने उन पर गोली चला दी। आरोपी को राजस्थान के सालासर से हिरासत में लिया गया।


