रांची: झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने राज्य की सभी बिजली वितरण कंपनियों को उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए ‘इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कोड रेगुलेशन 2024’ का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि बिजली वितरण कंपनियों को अब अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी और स्थानीय भाषाओं में भी बिजली बिल जारी करना अनिवार्य होगा। इससे उपभोक्ताओं को अपना बिल समझने में आसानी होगी।

आयोग ने नए बिजली कनेक्शन देने और शुल्क निर्धारण से जुड़े नियमों में भी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। 150 किलोवाट तक के नए बिजली कनेक्शन के शुल्क का निर्धारण लोड, कनेक्शन की श्रेणी और लाइसेंसधारी की औसत लाइन लागत के आधार पर किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य हर मामले में अलग-अलग स्थल निरीक्षण और अनावश्यक मांग शुल्क की प्रक्रिया को खत्म करना है।
नया बिजली कनेक्शन देने के लिए समय-सीमा तय
नियामक आयोग ने बिजली वितरण कंपनियों (JBVNL, टाटा स्टील, सेरा, डीवीसी आदि) के लिए नए कनेक्शन देने की निश्चित समय-सीमा निर्धारित की है।महानगरीय क्षेत्रों में आवेदन जमा करने के बाद मात्र 3 दिनों के भीतर कनेक्शन देना होगा। अन्य नगरपालिका क्षेत्रों में 7 दिनों की समय-सीमा तय की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में 15 दिनों के भीतर कनेक्शन देना अनिवार्य होगा। यदि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली लाइन बढ़ाने या नया सब-स्टेशन चालू करने की आवश्यकता पड़ती है, तो इसके लिए अधिकतम 30 से 90 दिनों की समय-सीमा का प्रावधान किया गया है।


