
इस परियोजना को लेकर दिल्ली से राइट्स (RITES) की विशेषज्ञ टीम रांची पहुंच चुकी है। टीम ने स्टेशन का निरीक्षण शुरू कर दिया है। योजना के तहत अगले छह महीने में निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
आखिर कैसे काम करेगा नया होल्डिंग एरिया?
रेलवे स्टेशन पर जब किसी त्योहार, छुट्टी या विशेष ट्रेन के दौरान अचानक यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है, तो प्लेटफॉर्म पर भीड़ को नियंत्रित करना चुनौती बन जाता है। ऐसी स्थिति में यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
इसी समस्या को देखते हुए रांची स्टेशन पर स्थायी होल्डिंग एरिया तैयार करने की योजना बनाई गई है। यहां यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने से पहले व्यवस्थित तरीके से इंतजार करने की सुविधा मिलेगी। इससे प्लेटफॉर्म पर एक साथ अधिक लोगों के जमा होने की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
टिकट से लेकर बैठने तक की होगी व्यवस्था
प्रस्तावित होल्डिंग एरिया में यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसमें टिकट काउंटर, पीने के साफ पानी, शौचालय और बैठने के लिए पर्याप्त जगह की व्यवस्था शामिल होगी।
इन सुविधाओं के एक ही स्थान पर मिलने से यात्रियों को इधर-उधर भटकने की जरूरत कम होगी। साथ ही, भीड़ बढ़ने पर यात्रियों को व्यवस्थित रखने और स्टेशन परिसर में बेहतर प्रबंधन करने में रेलवे को मदद मिलेगी।
अभी अस्थायी व्यवस्था, अब स्थायी समाधान की तैयारी
फिलहाल रांची रेलवे स्टेशन पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अस्थायी रूप से एक छोटा होल्डिंग एरिया संचालित किया जा रहा है। लेकिन बड़ी संख्या में यात्रियों के पहुंचने पर सीमित जगह चुनौती बन सकती है।
अब 2,000 यात्रियों की क्षमता वाला स्थायी होल्डिंग एरिया बनाने की तैयारी की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य प्लेटफॉर्म पर भीड़ का दबाव कम करना और भगदड़ जैसी अप्रिय घटनाओं की आशंका को घटाना है।
राइट्स की टीम तैयार करेगी पूरा खाका
इस परियोजना के लिए रेल मंत्रालय के अधीन काम करने वाली कंपनी राइट्स (RITES) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। विशेषज्ञ टीम स्टेशन का सर्वे करने के बाद होल्डिंग एरिया का अंतिम डिजाइन तैयार करेगी। इसके बाद निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा।
यदि परियोजना तय समय सीमा में पूरी होती है, तो रांची रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ संभालने के तरीके में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। खासकर त्योहारों और विशेष ट्रेनों के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा बेहतर बनाने में यह व्यवस्था महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।


