रांची: राजधानी रांची सहित पूरे क्षेत्र में दिन में गर्मी और सुबह-शाम ठंड के चलते तापमान में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण लोग तेजी से बीमार पड़ रहे है। शहर से लेकर गांवों तक सर्दी, खांसी, बुखार और शरीर में दर्द की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। स्थिति यह है कि कई इलाकों में लगभग हर तीसरे घर में लोग वायरल संक्रमण से प्रभावित नजर आ रहे है।

अस्पतालों में बढ़ा दबाव
मरीजों की संख्या में बेतहाशा बढ़ोतरी के कारण अस्पतालों पर दबाव काफी बढ़ गया है। रिम्स (RIMS) और सदर अस्पताल के अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है। इसके अलावा अर्बन हेल्थ सेंटर्स में भी मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं और गंभीर स्थिति वाले मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। भर्ती होने वाले अधिकांश मरीजों में सांस लेने की समस्या (श्वसन संबंधी परेशानी) देखने को मिल रही है।
डॉ. संजय सिंह ने बताया कि वायरल संक्रमण की चपेट में आने पर सामान्यतः पांच दिन या उससे अधिक समय तक परेशानी बनी रह सकती है। कुछ मरीजों में कमजोरी, थकान और खांसी लंबे समय तक बनी रहती है। शुरुआत में सामान्य सर्दी-जुकाम और बुखार के रूप में दिखने वाले ये लक्षण मरीजों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वायरल संक्रमण के प्रमुख लक्षण बुखार, सर्दी, नाक बहना, खांसी, गले में खराश, छींक, सिरदर्द, शरीर में दर्द, थकान और भूख कम लगना है।
सावधानी बरतने की अपील
डॉक्टर ने बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। संक्रमण के कारण शरीर में कमजोरी आ सकती है, इसलिए पर्याप्त आराम करने, भरपूर पानी पीने और खानपान में लापरवाही न बरतने की हिदायत दी गई है। भीड़भाड़ वाले इलाकों और संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आने से श्वसन संबंधी संक्रमण का खतरा और अधिक बढ़ सकता है। यदि बुखार लगातार बना रहे या पांच दिन बाद भी स्वास्थ्य में सुधार न हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।


