रांची: झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र 25 और 26 नवंबर को बुलाया जाएगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक के बाद इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मौजूदा परिस्थितियों और SIR (मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण) के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा करने के लिए यह फैसला लिया गया है। सरकार कम समय के लिए विशेष सत्र बुलाकर इन विषयों पर चर्चा करना चाहती है।

SIR के मुद्दे पर देश में गरम है माहौल
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि SIR को लेकर देशभर में माहौल गरम है। इस मुद्दे पर INDIA गठबंधन भी जोरदार विरोध कर रहा है। ऐसे में विधानसभा के विशेष सत्र में इस विषय पर चर्चा की जाएगी। हालांकि, मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि विशेष सत्र में चर्चा केवल SIR तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल इसी मुद्दे पर बात हो रही है, लेकिन आने वाले समय में कई दूसरे विषय भी सामने आ सकते हैं।
दस्तावेजों को लेकर भी जताई चिंता
हेमंत सोरेन ने कहा कि कुछ मामलों में ऐसे दस्तावेज मांगे जा सकते हैं, जिन्हें उपलब्ध कराना आम लोगों के लिए मुश्किल हो सकता है। ऐसे मुद्दों पर भी आगे चर्चा की जरूरत पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार SIR से जुड़े मुद्दों और इससे पैदा होने वाली संभावित चुनौतियों पर चर्चा करना चाहती है। हालांकि, विशेष सत्र में किन-किन विषयों को शामिल किया जाएगा, इस बारे में उन्होंने विस्तृत जानकारी नहीं दी।
1 नवंबर को दिल्ली जाएंगे हेमंत सोरेन
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वह 1 नवंबर को दिल्ली जा रहे हैं। हालांकि, दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम और SIR के मुद्दे पर आगे की रणनीति को लेकर उन्होंने कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की। ऐसे में अब सबकी नजरें 25 और 26 नवंबर को होने वाले विधानसभा के विशेष सत्र पर रहेंगी, जहां SIR समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।


