गेल (इंडिया) का बड़ा प्लान : रांची के 14 इलाकों में पहुंचेगी पाइपलाइन गैस, 40 हजार घरों को मिलेगा कनेक्शन

रांची में गेल अगले छह महीने में 40 हजार अतिरिक्त घरों को पीएनजी कनेक्शन से जोड़ने की तैयारी में है। 14 इलाकों में नेटवर्क विस्तार होगा, चार नए सीएनजी स्टेशन भी प्रस्तावित हैं।

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रांची : राजधानी रांची में अब पाइपलाइन के जरिए रसोई गैस की सुविधा का दायरा बढ़ने वाला है। गेल (इंडिया) लिमिटेड अगले छह महीने में राजधानी के 40 हजार और घरों को पीएनजी नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी में है। इसके लिए रांची के 14 इलाकों को चिह्नित किया गया है। फिलहाल शहर में करीब 35 हजार घरों तक पीएनजी कनेक्शन पहुंच चुका है। नए कनेक्शन मिलने से ज्यादा लोगों को घर बैठे पाइपलाइन से गैस की सुविधा मिल सकेगी।

इन 14 इलाकों में बढ़ेगा पीएनजी नेटवर्क

गेल ने रांची के जिन इलाकों में पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार करने की योजना बनाई है, उनमें हेहल, चुटिया, नोवागढ़/नोव नगर, काजू बागान, पुलिस लाइन, लालपुर, मेन रोड, बहू बाजार, वीर कुंवर सिंह कॉलोनी, महावीर नगर, रांची सेल नगर, पहाड़ी मंदिर क्षेत्र, किशोरगंज और महिलौंग शामिल हैं। इन इलाकों में चरणबद्ध तरीके से पाइपलाइन बिछाने और जरूरी बुनियादी ढांचे को तैयार करने का काम किया जाएगा। अगले छह महीने में 40 हजार अतिरिक्त घरों को नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

रांची में चार नए सीएनजी स्टेशन भी खुलने की तैयारी

घरेलू रसोई गैस के साथ-साथ वाहनों के लिए सीएनजी की उपलब्धता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। फिलहाल रांची में 34 सीएनजी स्टेशन चालू हैं। अब चार नए स्टेशन स्थापित करने की तैयारी है। इसके लिए धुर्वा स्थित स्मार्ट सिटी, रिंग रोड के गागी चौक, बुढ़मू चौक और तुपुदाना को चुना गया है। इसके अलावा कुछ मौजूदा स्टेशनों को ऑनलाइन सीएनजी स्टेशन में बदलने की भी योजना है। इससे शहर में सीएनजी की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

पाइपलाइन बिछाने के बाद गड्ढे बन रहे परेशानी

पीएनजी नेटवर्क के विस्तार के बीच सड़कों की खुदाई और उसके बाद होने वाली मरम्मत भी एक अहम मुद्दा है। पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कें खोदी जाती हैं, लेकिन कई बार गड्ढे खुले रहने या मरम्मत अधूरी होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। गेल के अधिकारियों का कहना है कि काम जारी रहने या अधूरा होने की स्थिति में ही गड्ढे खुले रहते हैं। काम पूरा होने के बाद उनकी भराई कर दी जाती है। अधिकारियों के मुताबिक, अगर कहीं गड्ढा खुला रह जाने की सूचना मिलती है, तो टीम उसे जल्द भरने की कार्रवाई करती है।

विधानसभा से लेकर जिला प्रशासन तक उठ चुका है सड़क मरम्मत का मुद्दा

पाइपलाइन और दूसरी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े निर्माण कार्यों के बाद सड़कों की खराब स्थिति का मुद्दा पहले भी उठ चुका है। फरवरी 2024 में सीपी सिंह ने झारखंड विधानसभा में पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की हालत खराब होने का मामला उठाया था। इसके बाद मामले की जांच के लिए विधानसभा की विशेष समिति बनाने का निर्णय लिया गया।

जून 2024 में समिति ने रांची के कई इलाकों का निरीक्षण किया। इस दौरान पानी की पाइपलाइन और सीवरेज-ड्रेनेज के काम के बाद सड़कों की स्थिति देखी गई। कई जगह मरम्मत का काम अधूरा मिलने पर समिति ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को सड़कों को दुरुस्त करने का निर्देश दिया। हालांकि, यह मामला सिर्फ गेल की पीएनजी पाइपलाइन तक सीमित नहीं था।

सितंबर 2026 में भी सीपी सिंह ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर त्योहारों से पहले खराब सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की थी। पत्र में पाइपलाइन, सीवरेज-ड्रेनेज के काम, गैस पाइपलाइन और बारिश के कारण सड़कों को हुए नुकसान का जिक्र किया गया था। इसके बाद 1 अक्टूबर 2026 को जिला प्रशासन ने गेल और उसके ठेकेदारों को स्पष्ट निर्देश दिया कि पाइपलाइन का काम पूरा होने के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत की जाए, गड्ढों को भरा जाए और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा के जरूरी इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं।

 

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।