जीरामजी कर्मियों का मानदेय बढ़ा, जमीन-मकान खरीदना होगा महंगा

झारखंड कैबिनेट की बैठक में कुल 62 प्रस्तावों पर मुहर लगी है। जहां जमीन-मकान खरीदना महंगा होगा, वहीं स्वास्थ्य सुविधाओं, कर्मचारियों के मानदेय और बुनियादी विकास कार्यों के लिए बड़े फैसले लिए गए हैं।

Razi Ahmad
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Ranchi : झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए। राज्य मंत्रिपरिषद ने कुल 62 प्रस्तावों को मंजूरी दी। इन फैसलों का असर सरकारी कर्मचारियों, आम लोगों, स्वास्थ्य सेवाओं और राज्य के विकास कार्यों पर पड़ेगा।

सबसे पहले बात जमीन और मकान की। अब नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्र में जमीन या मकान की खरीद-बिक्री पर निर्धारित स्टांप शुल्क के अलावा 10 प्रतिशत अतिरिक्त सरचार्ज देना होगा। इससे शहरी निकाय क्षेत्रों में संपत्ति की रजिस्ट्री कराना महंगा हो सकता है।

वहीं, विकसित भारत-जी रामजी योजना के तहत संविदा पर कार्यरत क्षेत्रीय पदाधिकारियों और कर्मचारियों के मासिक मानदेय में बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। हालांकि, मानदेय में कितनी वृद्धि होगी, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए भी कैबिनेट ने बड़े फैसले लिए हैं। रिनपास परिसर में 500 बेड के अस्पताल के निर्माण के लिए करीब 284 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। वहीं, जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में 500 बेड के अस्पताल के निर्माण के लिए करीब 545 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। रांची सदर अस्पताल में कैथ लैब के निर्माण के लिए भी 9 करोड़ 90 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है।

सरकार ने दुकानों और प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों के कार्य घंटों से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया है। अब प्रतिदिन काम की अवधि 9 घंटे से बढ़ाकर 10 घंटे और साप्ताहिक कार्य अवधि 48 घंटे से बढ़ाकर 60 घंटे करने का प्रावधान किया गया है। अतिरिक्त काम के लिए संबंधित कर्मचारियों को अधिक भुगतान करना होगा।

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार एकीकृत लैंड एक्विजिशन पोर्टल विकसित करेगी। इस पोर्टल पर अधिग्रहित जमीन से जुड़ी जानकारियां उपलब्ध रहेंगी, जिससे भूमि अधिग्रहण से संबंधित विवादों और विसंगतियों को दूर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा, राज्य के 263 प्रखंडों में 7,890 चापाकल लगाने के लिए करीब 96 करोड़ 55 लाख रुपये की योजना को मंजूरी दी गई है। सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह और कुकड़ू प्रखंडों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नीमडीह-कुकड़ू मेगालिफ्ट सिंचाई योजना पर करीब 607 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों की विदेश यात्रा से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया है। निजी खर्च पर विदेश जाने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए स्वीकृति की प्रक्रिया को सरल बनाने का निर्णय लिया गया है। वहीं, राज्य के सरकारी विश्वविद्यालयों में छात्रों के स्वास्थ्य और मानसिक कल्याण से जुड़ी गतिविधियों के लिए भी नई व्यवस्था को मंजूरी मिली है।

इसके साथ ही गोड्डा में पशु आहार कारखाने की स्थापना, आदिवासी बहुल गांवों में विद्युतीकरण, सड़क निर्माण, जलाशयों के पुनरुद्धार और पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरों से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है।

वहीं, झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र 25 और 26 नवंबर 2026 को बुलाने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने सहमति दी है।

कुल मिलाकर, कैबिनेट के इन फैसलों में शहरी संपत्ति की खरीद, सरकारी कर्मचारियों के मानदेय और सेवा शर्तों, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव शामिल हैं।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।