रांची: रांची विश्वविद्यालय में शोध की गुणवत्ता में सुधार लाने, शिक्षकों और शोधार्थियों को शोध परियोजनाओं के लिए प्रोत्साहित करने तथा विद्यार्थियों के भाषा कौशल को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। कुलपति प्रो. सरोज शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित विभिन्न स्नातकोत्तर विभागों के विभागाध्यक्षों और निदेशकों की बैठक में इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए, जिसमें शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध, नवाचार और प्रशासनिक गतिविधियों में समन्वय बढ़ाने पर विशेष चर्चा हुई।

बैठक में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) को शोध और परियोजना लेखन पर कार्यशाला आयोजित करने का निर्देश दिया गया ताकि शिक्षकों और शोधार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शोध प्रस्ताव तैयार करने और शोध के नए अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रशिक्षित किया जा सके। साथ ही, पीएचडी प्रवेश साक्षात्कार के सुचारू संचालन, ई-समर्थ पोर्टल और शोध निदेशालय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा प्लेजरिज्म (साहित्य की चोरी) जांच की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी व तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया गया।
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए हर विभाग में सांस्कृतिक और साहित्यिक गतिविधियों के वास्ते एक-एक शिक्षक प्रभारी नामित करने का निर्णय लिया गया है, जिससे विद्यार्थियों की रचनात्मकता, भाषाई कौशल और संवाद क्षमता को बढ़ावा मिल सके। बैठक के अंत में विश्वविद्यालय की प्रगति में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, शोध और सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ-साथ सभी संस्थागत इकाइयों के बीच तालमेल की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की गई।


