रांची: झारखंड में अवैध ईंट-मिट्टी के खनन पर नकेल कसते हुए सरकार ने जुर्माना राशि को बढ़ाकर 10 गुना कर दिया है। अब यदि कोई व्यक्ति, एजेंट, मैनेजर, कर्मचारी या ठेकेदार बिना समनुदान, अनुज्ञप्ति या अनुमति के ईंट-मिट्टी खनिज का उत्खनन, निकासी, खनन, भंडारण या परिवहन करता है, तो उसे ईंट-मिट्टी निकालने वाले या ईंट भट्ठा मालिक को कड़ा जुर्माना देना होगा। जुर्माने की यह दर ईंट की मिट्टी पर निर्धारित रॉयल्टी दर की 10 गुनी होगी। इसे लेकर खान एवं भूतत्व विभाग ने ‘झारखंड लघु खनिज समनुदान नियमावली, 2004’ में संशोधन की अधिसूचना जारी कर दी है।

इस नई अधिसूचना (झारखंड लघु खनिज समनुदान (द्वितीय संशोधन) नियमावली, 2026) के तहत नियम-55 जोड़ा गया है, जो कार्य विभागों को लघु खनिजों की आपूर्ति से संबंधित है। इसके तहत सरकार द्वारा संचालित विकास कार्यों से जुड़े सभी विभागों, संवेदकों, ठेकेदारों और आपूर्तिकर्ताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे केवल वैध चालान के माध्यम से ही लघु खनिज खरीदें। यदि किसी लघु खनिज वैध खनन पट्टा धारक या खनन अनुज्ञाप्ति धारक से वैध चालान के माध्यम से खनिज नहीं खरीदा गया है या अनुमति प्राप्त नहीं की गई है, तो खनिज के मूल्य के साथ स्वामित्व की दोगुनी राशि जुर्माने के रूप में जमा करनी होगी। साथ ही, डीएमएफ, मैनेजमेंट शुल्क, पर्यावरणीय सेस जैसे अन्य वैधानिक शुल्कों की समतुल्य राशि भी खनन शीर्ष में जमा करनी होगी। विभाग ने जुर्माने की गणना का सूत्र भी निर्धारित कर दिया है।
इसके अलावा नियमावली में नया नियम-67 भी जोड़ा गया है, जिसके अनुसार यदि नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रक्रिया या मार्गदर्शक सिद्धांत नियमावली में निर्धारित न हो, तो उनका निर्धारण खान निदेशक द्वारा जारी आवश्यक दिशा-निर्देशों के तहत किया जाएगा।


