नयी दिल्ली : चार्टर्ड अकाउंटेंट का शीर्ष निकाय भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (आईसीएआई) बहु-राज्य सहकारी समितियों की लेखा परीक्षा के लिए लागू नई रूपरेखा पर एक मार्गदर्शिका जारी करने की योजना बना रहा है। सहकारिता मंत्रालय ने 14 अक्टूबर को बहु-राज्य सहकारी समितियां (लेखा परीक्षक की रिपोर्ट) आदेश, 2026 (एमएससीएआरओ-2026) अधिसूचित किया था। इस व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। आईसीएआई के अध्यक्ष प्रसन्न कुमार डी ने शुक्रवार को कहा कि एमएससीएआरओ से वित्तीय और नियामकीय अनुपालन से जुड़े जोखिमों का समय पर पता लगाने, निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और जरूरत पड़ने पर सुधारात्मक कदम उठाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने बयान में कहा, ”एमएससीएआरओ, 2026 लागू होने से लेखा परीक्षा रिपोर्ट को अधिक व्यवस्थित स्वरूप मिलेगा। इससे लेखा परीक्षक सहकारी समितियों के वित्तीय कामकाज के महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच कर सकेंगे, संभावित अनियमितताओं का पता लगा सकेंगे और प्रशासन से जुड़ी चिंताओं की पहचान कर सकेंगे।” आईसीएआई ने कहा कि सहकारी क्षेत्र में लेखा परीक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए वह नई रूपरेखा पर एक मार्गदर्शिका तैयार कर रहा है।

संस्थान के अनुसार, इस मार्गदर्शिका का उद्देश्य लेखा परीक्षकों को लेखा परीक्षा से संबंधित प्रमुख पहलुओं पर व्यवस्थित जानकारी देना, जांच की प्रक्रिया में एकरूपता लाना और कानूनी एवं नियामकीय आवश्यकताओं के अनुपालन को मजबूत करना है। एमएससीएआरओ को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), आईसीएआई, भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) और सहकारी समितियों से मिले सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है।


