रांची: रांची नगर निगम की सिटी लेवल इम्प्लीमेंटेशन कमिटी की 12वीं बैठक शुक्रवार 30 अक्टूबर को नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में हुई। बैठक का मुख्य एजेंडा वायु प्रदूषण पर नियंत्रण पाना और शहर की हवा को स्वच्छ बनाना रहा। इस दौरान राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत अब तक हुए कार्यों, वित्तीय व्यय और भौतिक प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही प्रदूषण के मुख्य कारणों की पहचान और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

सेक्यूरेशन प्लान तैयार करने का निर्देश

राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत एयर पॉल्यूशन कंट्रोल, रोड रिपेयर, वृक्षारोपण, शवदाह गृह और कचरा प्रबंधन जैसे विभिन्न घटकों को शामिल करते हुए एक विस्तृत क्यूरेशन प्लान तैयार कर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार को भेजने को कहा गया है। शहर में धूल प्रदूषण रोकने के लिए सभी निर्माणाधीन भवनों और कंस्ट्रक्शन साइट्स को ग्रीन शीट (हरित आवरण) से ढकना अनिवार्य कर दिया गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
वृक्षारोपण को दिया जाएगा बढ़ावा
हॉर्टिकल्चर शाखा को निगम क्षेत्र में पौधरोपण के लिए उपयुक्त जगहों की पहचान करने और शहर के ग्रीन कवर (हरित आवरण) में वृद्धि के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने को कहा गया है। शहर के विभिन्न हिस्सों में एम्बिएंट एयर क्वालिटी की मॉनिटरिंग के लिए वैज्ञानिक पद्धति से रूट प्लान तैयार करने और प्रभावी क्रियान्वयन के वास्ते विशेष टीम गठित करने का निर्देश दिया गया है। झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के वैज्ञानिक आंकड़ों के आधार पर रांची नगर निगम क्षेत्र के पांच सबसे अधिक और पांच कम प्रदूषित स्थलों की पहचान कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसके साथ ही दिन के किस समय PM10 का स्तर सबसे ज्यादा या कम रहता है, इसकी जानकारी देने के भी निर्देश दिए गए हैं।
चलेगा जन-जागरूकता अभियान
वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों और इसके बचाव के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक सूचना, शिक्षा और संचार गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। स्वास्थ्य शाखा को रांची शहर में वायु प्रदूषण के कारण होने वाली बीमारियों और उनके प्रभावों पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। रांची नगर निगम ने शहरवासियों से अपील की है कि वे निर्माण कार्यों के दौरान धूल नियंत्रण के नियमों का पूरी तरह पालन करें, खुले में कचरा बिल्कुल न जलाएं और अधिक से अधिक पौधे लगाएं। निगम ने कहा है कि शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने में प्रत्येक नागरिक का सहयोग बेहद जरूरी है।
इस बैठक में सहायक नगर आयुक्त निकेश कुमार, निहारिका तिर्की, संजीव कुमार (कार्यपालक अभियंता), राम बदन सिंह, गोरखा नाथ यादव, वन प्रमंडल पदाधिकारी रांची आनंद शेखर झा, माला कुमारी और झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद रांची के अभियंता सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।


