राहुल गांधी ने संसद में हंगामा करने को कांग्रेस की कार्यशैली बना दिया : अमित शाह

करनाल में अमित शाह ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने एसआईआर पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी जताई और घुसपैठियों पर सवाल उठाए।

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करनाल: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने संसद में हंगामा करने को ‘‘कांग्रेस की कार्यशैली’’ बना दिया। शाह ने हरियाणा के करनाल में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए दोहराया कि केंद्र सरकार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार हैं। उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी ने संसद में हंगामा करने को कांग्रेस की कार्यशैली बना दिया है। हम एसआईआर के मुद्दे पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार हैं।’’  घुसपैठियों की पहचान कर मतदाता सूची से उनके नाम हटाना भाजपा का संकल्प है।

शाह ने इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (इंडिया) पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘इसकी रैली का मकसद मतों की रक्षा करना नहीं, बल्कि घुसपैठियों को बचाना है।’’ उन्होंने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं का ब्योरा मांगते हुए कहा, ‘‘आप लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं, लोगों को यह जानने का अधिकार है।’’ इससे पहले, शाह नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए। पार्टी सूत्रों ने बताया कि यह पदयात्रा सेक्टर 12 से शुरू हुई और इसका समापन दयानंद चौक पर हुआ जहां अमित शाह और भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेता एक जनसभा को संबोधित किया।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री एवं करनाल के सांसद मनोहर लाल, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अर्चना गुप्ता, पार्टी की हरियाणा प्रभारी स्मृति ईरानी और राज्य के कई मंत्री शाह के साथ पदयात्रा में शामिल हुए। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक तिरंगा लहराते हुए पदयात्रा में शामिल हुए। ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान ऐसे समय में चलाया जा रहा है, जब चुनावी अनियमितताओं के आरोपों और लोकतांत्रिक संस्थाओं के कामकाज को लेकर भाजपा और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक टकराव जारी है।

एक नवंबर को विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ने दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली आयोजित की थी। इसमें विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार पर चुनावी अनियमितताओं के आरोप लगाए थे और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी। शाह ने सोमवार को हैदराबाद में भी ‘लोकतंत्र बचाओ’ पदयात्रा का नेतृत्व किया था। इस दौरान उन्होंने ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ पर तीखा पलटवार किया था।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।