
रांची: राजधानी रांची के ओरमांझी में बीजेपी BJP अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष जीतराम मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी है। उन्हें गोली जिले के चूटूपालू इलाके मारी गई है।
आनन-फानन में लोगों ने जीतराम मुंडा को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

जीतराम मुंडा को बुधवार की देर शाम बाइकसवार अपराधी ने गोली मार कर हत्या की है। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है और छानबीन कर रही है।
इस घटना में कार्यकर्ता राजकिशोर साहू गोली लगने से घायल हो गए हैं। वहीं घायल हुए राजकिशोर साहू का फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस घटना को फ़िलहाल आपसी रंजिश से जोड़ कर देखा जा रहा है।
ओरमांझी में विधायक बंधु तिर्की का पुतला दहन कार्यक्रम में गए थे जीतराम मुंडा
घटना के बारे में बताया जा रहा है कि बुधवार की शाम लगभग साढ़े छह बजे की है। बताया गया कि भाजपा एसटी मोर्चा के द्वारा ओरमांझी शास्त्री चौक पर विधायक बंधु तिर्की का पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
जीतराम मुंडा पुतला दहन कार्यक्रम में शामिल होकर राजकिशोर साहू के साथ लौट रहे थे। इसी दौरान वह आर्यन होटल में रुके थे। होटल से चाय पीने के बाद वह वहां से निकलने वाले थे तभी अपराधियों ने जीतराम मुंडा को गोली मारी।
गोली जीतराम के गर्दन से होते हुए छाती से निकली, जो राजकिशोर के अंगुली में लगी।
लोगों का कहना है कि आपसी रंजिश जीतराम मुंडा की हत्या की गई है। घटना की खबर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

घटना को अंजाम देने के बाद अपराधी वहां से भाग निकले। बाते जा रहा है कि बुधवार की शाम बाइक सवार दो लोग आर्यन ढाबा पहुंचे उस समय जीतराम मुंडा ढाबा के अंदर बैठे हुए थे।
उसी समय अपराधियों ने उन्हें करीब से गोली मारी है। गोली उनके सिने में लगी जिससे उनकी मौत हो गई।

जीतराम मुंडा ने कहा- उनपर पहले भी हमला हो चुका था
रांची जिला ग्रामीण एस टी युवा मोर्चा के अध्यक्ष जीतराम मुंडा की ओरमांझी में गोली मारकर हत्या पूरी तरह प्रशासनिक विफलता का परिणाम है।
जीतराम जी को पहले से ही जानलेवा हमले की आशंका थी। उनपर पहले भी हमला हो चुका था।
इसकी सूचना पूरे प्रशासनिक अमले को थी। उन्होंने आर्म लाइसेंस के लिए भी आवेदन दिया था,लेकिन, प्रशासन ने न तो उन्हें सुरक्षा उपलब्ध करायी और न ही आर्म्स लाइसेंस दिया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस पूरे मामले की जांच कराएं और इस मामले में हुई प्रशासनिक चूक को सार्वजनिक करें।

