
अपनी नई फिल्म की रिलीज के मौके पर मीडिया से खास बातचीत में अक्षय कुमार ने फिल्म के बजट और निर्माण प्रक्रिया को लेकर कई दिलचस्प बातें साझा कीं। उन्होंने बताया कि आज के दौर में जहां मल्टीस्टारर फिल्मों पर निर्माता सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च कर देते हैं, वहीं निर्देशक अहमद खान ने इस फिल्म को केवल 115 करोड़ रुपये के नियंत्रित बजट में पूरा किया। अक्षय के मुताबिक, किसी भी फिल्म की सफलता में उसकी कहानी जितनी महत्वपूर्ण होती है, उतना ही जरूरी उसका संतुलित बजट भी होता है। उनका मानना है कि समझदारी से किया गया खर्च फिल्म को आर्थिक रूप से मजबूत बनाता है।
अहमद खान की प्लानिंग की जमकर तारीफ
अक्षय कुमार ने निर्देशक अहमद खान की कार्यशैली की खुलकर सराहना की। उन्होंने बताया कि फिल्म में करीब 34 कलाकारों ने काम किया है और शूटिंग के दौरान हर दिन लगभग 24 कलाकार सेट पर मौजूद रहते थे। इसके बावजूद पूरी फिल्म महज 75 दिनों में पूरी कर ली गई। अक्षय ने कहा कि इतने बड़े कलाकारों की फीस, शूटिंग और अन्य तकनीकी खर्चों के बीच बजट को नियंत्रित रखना आसान नहीं था। उन्होंने माना कि निर्देशक और निर्माता के बीच बेहतर तालमेल ही किसी फिल्म को कंटेंट और कारोबार, दोनों स्तर पर सफल बनाता है।
‘कॉमेडी करना अब पहले से ज्यादा कठिन’
बदलते समय में कॉमेडी फिल्मों की चुनौतियों पर भी अक्षय कुमार ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि आज सोशल मीडिया, रील्स, मीम्स और डिजिटल कंटेंट की वजह से दर्शकों की पसंद लगातार बदल रही है। ऐसे माहौल में लोगों को हंसाना पहले से कहीं ज्यादा कठिन हो गया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कॉमेडी कभी खत्म नहीं होने वाली विधा है। फिजिकल कॉमेडी, सिचुएशनल कॉमेडी, स्लैपस्टिक और डार्क ह्यूमर जैसे कई रूप आज भी दर्शकों का मनोरंजन कर रहे हैं। उनके अनुसार, दर्शकों को हंसाना अभिनय की सबसे कठिन कला है।
बेंचमार्क नहीं, कहानी तय करती है फिल्म की सफलता
जब अक्षय कुमार से पूछा गया कि क्या लंबे करियर के बाद उन पर लगातार बेहतर प्रदर्शन करने का दबाव रहता है, तो उन्होंने इसका सीधा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी कलाकार का बेंचमार्क उसकी स्क्रिप्ट और कहानी तय करती है। अगर कहानी दमदार हो तो कलाकार अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दे सकता है। उन्होंने बताया कि उनकी नई फिल्म में दर्शकों को उनके पुराने कॉमिक अंदाज की झलक देखने को मिलेगी। फिल्म की कहानी एक जंगल की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जो इसे और भी मनोरंजक बनाती है।
25 साल बाद फिर साथ आए अक्षय, सुनील और आफताब
आफताब शिवदासानी ने भी इस फिल्म को लेकर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने बताया कि ‘दीवाने हुए पागल’ और ‘आवारा पागल दीवाना’ जैसी फिल्मों के बाद करीब 25 साल बाद उन्हें अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी के साथ दोबारा काम करने का अवसर मिला है। उनके मुताबिक, इतने वर्षों बाद भी सेट पर वही अपनापन महसूस हुआ, जैसे परिवार के बीच लौट आए हों। फिल्म में कई बड़े कलाकार मौजूद हैं, लेकिन उन्हें कभी अपने किरदार या स्क्रीन स्पेस को लेकर असहजता महसूस नहीं हुई। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी कलाकारों की शानदार कॉमिक टाइमिंग दर्शकों को भरपूर हंसाएगी।
स्टैंड-अप कॉमेडियंस के लिए जताया सम्मान
अक्षय कुमार ने बातचीत के दौरान भारत में तेजी से बढ़ते स्टैंड-अप कॉमेडी कल्चर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज इंस्टाग्राम, यूट्यूब और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हर दिन नया कॉमेडी कंटेंट देखने को मिलता है। इसके बावजूद लोगों को हंसाना आसान नहीं है। उन्होंने स्टैंड-अप कॉमेडियंस की तारीफ करते हुए कहा कि हजारों दर्शकों के सामने अकेले खड़े होकर उन्हें लगातार हंसाना बेहद कठिन काम है। अक्षय का मानना है कि कॉमेडी को अक्सर हल्के में लिया जाता है, जबकि यह मनोरंजन की सबसे चुनौतीपूर्ण और प्रभावशाली विधाओं में से एक है।

