‘डांस सिर्फ शौक था, करियर बनने की कभी नहीं सोची थी’, गीता कपूर ने सुनाए संघर्ष के दिन

Manu Shrivastava
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गीता कपूर
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मशहूर कोरियोग्राफर और टेलीविजन पर्सनालिटी गीता कपूर ने बॉलीवुड में अपने शुरुआती संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि 90 के दशक की शुरुआत में डांस को एक सम्मानजनक करियर विकल्प नहीं माना जाता था। उस समय बहुत कम लोग इस क्षेत्र में भविष्य देखते थे, लेकिन आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। उनके अनुसार अब डांस केवल शौक नहीं, बल्कि एक सफल और सम्मानजनक प्रोफेशन के रूप में स्थापित हो चुका है।

शौक से शुरू हुआ, करियर बन गया

गीता कपूर ने बताया कि उन्होंने डांस की शुरुआत केवल अपने शौक के लिए की थी। उनकी मां ने उन्हें ऐसी क्लास में भेजा, जहां उन्होंने लोक नृत्य, कथक और भरतनाट्यम की शुरुआती शिक्षा हासिल की। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि यही शौक आगे चलकर उनका पेशा बनेगा। गीता के मुताबिक, उन्हें डांस करना पसंद था और यही जुनून उन्हें इस क्षेत्र में आगे बढ़ाता गया।

पैसे से ज्यादा जुनून था प्रेरणा

गीता कपूर ने कहा कि समय के साथ इस क्षेत्र में अवसर बढ़े और अच्छी कमाई भी होने लगी। हालांकि उन्होंने साफ किया कि उनका उद्देश्य केवल पैसे कमाना नहीं था। उन्होंने कहा कि काम मिलने लगा तो आर्थिक पहलू भी महत्वपूर्ण बन गया, लेकिन असली वजह डांस के प्रति उनका प्रेम था। यही लगन उन्हें एक सफल डांसर से मशहूर कोरियोग्राफर और टीवी पर्सनालिटी बनने तक लेकर आई। आज उनका सफर उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपने शौक को करियर में बदलने का सपना देखते हैं।

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