
नई दिल्ली : अरोड़ा 1991 बैच की इंडियन डिफेंस अकाउंट्स सर्विस (IDAS) अधिकारी हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कोलकाता स्थित दमदम ऑर्डनेंस फैक्ट्री में रक्षा मंत्रालय के साथ की थी।
इसके बाद उन्होंने रक्षा लेखा विभाग में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम करते हुए सेना, नौसेना और वायुसेना तीनों सशस्त्र बलों के वित्तीय प्रबंधन का व्यापक अनुभव हासिल किया।इंडियन डिफेंस अकाउंट्स सर्विस (आईडीएएस) की 1991 बैच की वरिष्ठ अधिकारी अलका नांगिया अरोड़ा ने 1 अगस्त 2026 को रक्षा लेखा महानियंत्रक (Controller General of Defence Accounts-CGDA) का पदभार संभाल लिया।
तीन दशक से अधिक के प्रशासनिक और रक्षा वित्तीय प्रबंधन के अनुभव के साथ वह देश के रक्षा लेखा तंत्र की सर्वोच्च अधिकारी बन गई हैं।
कौन हैं अलका नांगिया अरोड़ा?
अलका नांगिया अरोड़ा ने गढ़वाल विश्वविद्यालय, देहरादून से उच्च शिक्षा प्राप्त की और आईआईटी रुड़की की पूर्व छात्रा हैं। उन्होंने अपने प्रशासनिक और नेतृत्व कौशल को और मजबूत करने के लिए आईआईएम बेंगलुरु तथा आईएसबी मोहाली जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से भी उन्नत प्रशिक्षण हासिल किया है। तीनों सेनाओं के साथ निभाई अहम जिम्मेदारियां
अपने करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं। इनमें प्रमुख हैं—
• मुंबई स्थित नेवल डॉकयार्ड में एडमिरल सुपरिटेंडेंट की वित्तीय सलाहकार।
• आर्मी ईस्टर्न कमांड की वित्तीय सलाहकार एवं कोलकाता एरिया अकाउंट्स ऑफिस की प्रमुख।
• वेस्टर्न एयर कमांड और आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल) की एकीकृत वित्तीय सलाहकार।
• एयर फोर्स मुख्यालय की प्रधान एकीकृत वित्तीय सलाहकार।
• रक्षा लेखा महानियंत्रक मुख्यालय में अतिरिक्त सीजीडीए और विशेष सीजीडीए।
• इन भूमिकाओं में उन्होंने रक्षा लेखा, ऑडिट, सूचना प्रौद्योगिकी, प्रशिक्षण और वित्तीय नीतियों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
रक्षा मंत्रालय के बाहर भी निभाईं बड़ी जिम्मेदारियां अलका नांगिया अरोड़ा ने भारत सरकार के कई अन्य मंत्रालयों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं।
वह कृषि मंत्रालय के कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) में अपर सचिव एवं वित्तीय सलाहकार, एमएसएमई मंत्रालय में संयुक्त सचिव, सेंट्रल कॉटेज इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की प्रबंध निदेशक, कपड़ा मंत्रालय में हस्तशिल्प की अपर विकास आयुक्त रह चुकी हैं। इन पदों पर उन्होंने कृषि अनुसंधान, सार्वजनिक वित्त, खरीद नीति और हस्तशिल्प क्षेत्र के विकास से जुड़े कई अहम कार्यक्रमों का नेतृत्व किया।
क्या होता है रक्षा लेखा महानियंत्रक (CGDA)?
रक्षा लेखा महानियंत्रक (CGDA) रक्षा मंत्रालय के तहत रक्षा लेखा विभाग का प्रमुख होता है। यह विभाग भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के वेतन, पेंशन, रक्षा खरीद, लेखा-परीक्षा, वित्तीय सलाह और बजटीय प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण वित्तीय व्यवस्थाओं की निगरानी करता है। यह पद देश की रक्षा वित्तीय प्रणाली के सबसे अहम पदों में से एक माना जाता है।

