रांची: खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन कानून (MMDR) को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच जारी जुबानी जंग के बीच केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने झामुमो, कांग्रेस और राजद गठबंधन पर तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विपक्षी दल इस कानून के खिलाफ बयानबाजी करके जनता को गुमराह और भ्रमित करने का असफल प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस ऐतिहासिक कानून के लागू होने से खनिज समृद्ध झारखंड में नए निवेश और रोजगार के व्यापक अवसर पैदा होंगे, जिससे युवाओं के पलायन पर प्रभावी रोक लगेगी और यह कानून ‘विकसित भारत 2047’ के साथ-साथ ‘विकसित झारखंड’ के विजन को मजबूती प्रदान करेगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य देशभर के खनन क्षेत्र में एकरूपता, पारदर्शिता और सुसंगत कर व्यवस्था स्थापित करना है। इससे राज्यों द्वारा मनमाने ढंग से लगाए जाने वाले अतिरिक्त टैक्स और सेस पर लगाम लगेगी, जिससे कारोबारियों का शोषण बंद होगा और उन्हें एक बेफिक्र माहौल मिलेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और केरल जैसे अन्य खनिज उत्पादक राज्यों में इस कानून का स्वागत हो रहा है, तो केवल झारखंड में ही इसका विरोध क्यों किया जा रहा है।
अन्नपूर्णा देवी ने राज्य सरकार पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड सरकार वैधानिक राजस्व और पारदर्शी नीलामी के बजाय अवैध खनन व कोयला चोरी को बढ़ावा देना चाहती है, ताकि सरकारी खजाने के बजाय व्यक्तिगत राजस्व में वृद्धि हो सके। हालांकि, इस नए संशोधन से लालफीताशाही पर रोक लगेगी और छोटे से लेकर बड़े उद्योगपतियों के लिए व्यापार करना सुगम हो जाएगा। प्रेसवार्ता में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह, मृत्युंजय शर्मा, सतीश सिन्हा और सूरज शाहदेव भी उपस्थित रहे।


