बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह इन दिनों अपने ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान को लेकर चर्चा में हैं. उनके इस विवादित बयान पर अब अभिनेता अनु कपूर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. अनु कपूर ने शाह के विचारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें इस बात पर संदेह है कि नसीरुद्दीन शाह वास्तव में देश के हितों और कल्याण के बारे में कितनी गंभीरता से सोचते हैं. उनके इस बयान के बाद दोनों कलाकारों को लेकर चर्चा तेज हो गई है.

अभिनय और देश के मुद्दों की समझ अलग-अलग
अनु कपूर ने अपनी टिप्पणी में कहा कि नसीरुद्दीन शाह संवाद अदायगी में भले ही बेहतरीन हों, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि उन्हें देश के महत्वपूर्ण मुद्दों और राष्ट्रीय हितों की उतनी ही गहरी समझ है. उन्होंने शाह की अभिनय प्रतिभा और उनके विचारों को अलग-अलग विषय बताते हुए अपनी असहमति जाहिर की. अनु कपूर का मानना है कि किसी कलाकार की अभिनय क्षमता से उसके राजनीतिक और सामाजिक विचारों की समझ का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता.

विरोध करने और अपनी बात रखने की आजादी का किया समर्थन
हालांकि, अनु कपूर ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर व्यक्ति को अपनी राय रखने और विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार भी स्वीकार किया. उन्होंने माना कि देश में प्रत्येक नागरिक को अपने विचार व्यक्त करने और किसी मुद्दे पर असहमति जताने की स्वतंत्रता होनी चाहिए. लोकतंत्र में अलग-अलग विचारों के लिए जगह होना जरूरी है.
बयान के बाद फिर चर्चा में आए दोनों कलाकार
नसीरुद्दीन शाह के बयान और उस पर अनु कपूर की प्रतिक्रिया ने एक बार फिर फिल्मी सितारों के विचारों को लेकर बहस छेड़ दी है. दोनों कलाकार हिंदी सिनेमा के जाने-माने चेहरे हैं. ऐसे में अनु कपूर की यह टिप्पणी मनोरंजन जगत के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा का विषय बन गई है.


