असम: सिलचर में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के काफिले को रास्ता देने के लिए एक एंबुलेंस रोके जाने का मामला सामने आया है। घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने इसे अस्वीकार्य बताते हुए मरीज और उसके परिवार से माफी मांगी। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि किसी भी मुख्यमंत्री के काफिले को ऐसी स्थिति में प्राथमिकता नहीं दी जा सकती, जहां किसी मरीज को तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम लोगों की आवाजाही या आपातकालीन सेवाओं को VIP मूवमेंट के कारण बाधित नहीं किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले ही अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि उनके काफिले की आवाजाही आम नागरिकों के लिए परेशानी का कारण नहीं बननी चाहिए। इसके बावजूद सिलचर में एंबुलेंस रोकी गई। मामले में कार्रवाई करते हुए चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि VIP मूवमेंट को लेकर जारी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। घटना के बाद मुख्यमंत्री का यह बयान सामने आया है कि VIP प्रोटोकॉल से ऊपर मरीज की जान और आपातकालीन चिकित्सा सेवा है।


