रांची: जेएसएससी सीजीएल और जेपीएससी परीक्षा गड़बड़ी मामले में सीआईडी की टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सीआईडी ने मामले के मुख्य सेटर और बोकारो के दुग्धा निवासी रितेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। सीआईडी पिछले एक महीने से उसकी तलाश में छापेमारी कर रही थी। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ कर रितेश को अदालत में पेश किया गया, जाहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
30 से अधिक अभ्यर्थियों की कराई थी सेटिंग
जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी रितेश कुमार सिंह ने अकेले 30 से अधिक सफल अभ्यर्थियों की सेटिंग कराई थी। वह अभ्यर्थियों को बोकारो और झरिया ले जाकर प्रश्नों के उत्तर रटवाता था। रितेश, आईसीएन कंपनी के निदेशक मिथिलेश सिंह का करीबी रिश्तेदार बताया जा रहा है। जांच में रितेश, अभ्यर्थियों और आईसीएन के निदेशक के बीच बड़े वित्तीय लेन-देन के पुख्ता सबूत मिले हैं।
पूर्व में पकड़े गए आरोपियों की पूछताछ में आया था नाम
सीआईडी द्वारा पूर्व में गिरफ्तार किए गए आरोपी दीपक कुमार सिंह, उमेश राय और आठ अन्य सफल अभ्यर्थियों से कड़ाई से की गई पूछताछ में रितेश कुमार सिंह का नाम मुख्य रूप से सामने आया था। सीआईडी अब आईसीएन के फरार निदेशक मिथिलेश कुमार सिंह और अन्य निदेशकों की तलाश में जुटी हुई है।
दूसरी ओर, 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा में हुई गड़बड़ी की जांच में सीआईडी ने टीडीपीएल निदेशक रामबीर सिंह के नेटवर्क का भी भंडाफोड़ किया है। जांच के अनुसार, रामबीर सिंह परीक्षा में शामिल कम से कम 36 अभ्यर्थियों के सीधे संपर्क में था। उस पर ओएमआर शीट में फेरबदल करने, खाली गोले भरवाने और अवैध वित्तीय लेन-देन का गंभीर आरोप है। सीआईडी को रामबीर सिंह, उसके करीबियों और तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक के परिजनों के बीच वित्तीय सांठगांठ तथा हवाई टिकट बुकिंग के भी प्रमाण मिले हैं।



