ढाका: बांग्लादेश में दुर्गा पूजा के दौरान सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए देशभर में करीब 33,000 पूजा स्थलों पर व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। इसके तहत चौबीसों घंटे निगरानी, विशेष पुलिस इकाइयों की तैनाती और प्रतिमा विसर्जन के दौरान ड्रोन तथा हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जाएगा। दुर्गा पूजा का आयोजन 16 से 20 अक्टूबर तक होगा। धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर उठी चिंताओं के बीच पुलिस ने त्योहार से पहले, उसके दौरान और बाद के लिए तीन स्तरीय सुरक्षा योजना लागू की है।

समाचार पोर्टल ‘टीबीएस न्यूज डॉट नेट’ के अनुसार, पुलिस महानिरीक्षक अली हुसैन फकीर ने रविवार को पुलिस मुख्यालय में हुई बैठक में बताया कि सुरक्षा अभियान शुरू कर दिया गया है। योजना के तहत वर्दीधारी और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी तैनात होंगे। विशेष हथियार एवं रणनीति (स्वाट) दल, त्वरित प्रतिक्रिया दल, अपराध प्रतिक्रिया दल और बम निरोधक इकाइयां भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा होंगी। पुलिस मुख्यालय और अन्य इकाइयों में निगरानी प्रकोष्ठ चौबीसों घंटे काम करेंगे।
अधिकारियों को सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार, अफवाहों और भ्रामक तस्वीरों या सूचनाओं के जरिये सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिशों पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। ‘ढाका ट्रिब्यून’ के अनुसार, विशेष प्रतिक्रिया बटालियन-2 (एसआरबी-2) के कमांडर एवं अतिरिक्त पुलिस उपमहानिरीक्षक नईमुल हसन ने पूजा समितियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में कहा कि प्रतिमा विसर्जन के दिन दो हेलीकॉप्टर और ड्रोन तैनात किए जाएंगे। बटालियन ने खुफिया निगरानी, गश्त और जांच चौकियां बढ़ाने के साथ चौबीसों घंटे नियंत्रण कक्ष तथा हेल्पलाइन सेवा शुरू करने की भी घोषणा की है।
पूजा समितियों ने मस्जिदों के पास स्थित पूजा मंडपों की सुरक्षा और यातायात जाम को लेकर चिंता जताई। हसन ने कहा कि सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने के लिए तोड़फोड़ या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। यातायात की समस्या दूर करने के लिए एसआरबी-2, ढाका पुलिस के यातायात विभाग के साथ समन्वय करेगी। वर्ष 2022 की जनगणना के अनुसार, बांग्लादेश की करीब 17 करोड़ आबादी में हिंदुओं की हिस्सेदारी लगभग आठ प्रतिशत यानी करीब एक करोड़ 30 लाख है। दुर्गा पूजा हिंदू समुदाय का सबसे बड़ा वार्षिक त्योहार है।


