
रांची : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। झारखंड प्रदेश राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने दावा किया कि पहले चरण की रिकॉर्ड वोटिंग से टीएमसी को स्पष्ट बढ़त मिलने की संभावना है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं और SIR प्रक्रिया के चलते करीब 90 लाख लोग मतदान से वंचित रह गए हैं, जिससे जनता में भारी आक्रोश है।
राजद नेता ने कहा कि सुरक्षा के नाम पर भारी पुलिस बल की तैनाती से माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसी वजह से कई जगहों पर भाजपा उम्मीदवारों के खिलाफ जनता में नाराज़गी देखने को मिल रही है। उनके अनुसार, यह स्थिति लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। राजद प्रवक्ता ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से किए जा रहे प्रचारात्मक बयानों के बावजूद जनता महंगाई और बेरोजगारी से परेशान है।
कैलाश यादव ने यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ कोई बड़ी सत्ता-विरोधी लहर नहीं है। उनके मुताबिक, टीएमसी की लोकप्रियता बनी हुई है और पार्टी एक बार फिर सरकार बनाने की स्थिति में है। उन्होंने कहा कि भाजपा ममता बनर्जी सरकार को हटाने की कोशिश कर रही है, लेकिन उसे अब तक कोई खास सफलता नहीं मिली है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास राज्य में मजबूत कैडर नेतृत्व की कमी है। शुभेंदु अधिकारी को लेकर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता होने के बावजूद वे स्थानीय नहीं बल्कि “आयातित नेता” के तौर पर देखे जाते हैं।

