
पटना: बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार को जोरदार हंगामे के साथ हुई। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी दलों के विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर प्रदर्शन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और NEET समेत अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। प्रदर्शन के दौरान विधायकों ने हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
मानसून सत्र के पहले दिन इन मुद्दों को लेकर सदन के अंदर और बाहर राजनीतिक माहौल गरम रहा। विपक्ष ने सरकार से परीक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
वहीं, केंद्र सरकार की ओर से इस प्रदर्शन और इस्तीफे की मांग पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विपक्ष लगातार शिक्षा व्यवस्था और कथित पेपर लीक के मुद्दे को प्रमुखता से उठा रहा है, जबकि इन मामलों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।

