
रांची: चाईबासा पुलिस के समक्ष 10 लाख रुपये के इनामी जोनल कमांडर सालुका कायम समेत तीन माओवादी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। झारखंड में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। चाईबासा में भाकपा माओवादी संगठन के जोनल कमांडर सालुका कायम उर्फ भुवनेश्वर, उसकी पत्नी पिंकी और कोदोमुनी कोड़ा ने शुक्रवार को हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। इस सरेंडर के साथ ही अब भाकपा माओवादी के ईस्टर्न रीजनल ब्यूरो के मुख्यालय क्षेत्र सारंडा और चाईबासा में एक भी माओवादी कैडर नहीं बचा है।
आत्मसमर्पण करने वाला सालुका कायम पश्चिमी सिंहभूम जिले के सोनुआ थाना क्षेत्र का निवासी है और उस पर कुल 96 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह कई सुरक्षाकर्मियों की शहादत और आईईडी धमाकों का मुख्य आरोपी रहा है, जिनमें 14 अगस्त 2023 को टोंटो के तुम्बाहाका में हुई मुठभेड़ और मार्च 2021 में लांजी में हुआ आईईडी विस्फोट शामिल हैं। इसके अलावा, उस पर पुलिस मुखबिरी के आरोप में स्थानीय ग्रामीणों की हत्या का भी आरोप है। वहीं उसकी पत्नी पिंकी पर 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं और दूसरी महिला नक्सली कोदोमुनी कोड़ा पर भी 1 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

