चाईबासा: विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर लुपंगुटू स्थित ‘संत जेवियर्स हाई स्कूल एंड इंटर कॉलेज’ में ‘मेंटल हेल्थ एंड वेल-बीइंग’ सेमिनार का भव्य आयोजन किया गया। इस जागरूकता कार्यक्रम में विद्यालय के लगभग 2000 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। जिसमें उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन, तनाव प्रबंधन तथा डिजिटल व नशा मुक्ति से जुड़े महत्वपूर्ण गुर सीखे।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सदर अस्पताल चाईबासा की क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट व ब्रेन डायनेमिक्स की निदेशक डॉ. भाग्यश्री कर तथा कोल्हान विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर डॉ. धर्मेंद्र रजक मौजूद रहे। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में शारीरिक स्वास्थ्य की तरह मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना भी बेहद जरूरी है। पढ़ाई का दबाव, परीक्षा की चिंता, करियर की अनिश्चितता और सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग युवाओं के मानसिक संतुलन को प्रभावित कर रहा है।
सेमिनार में मोबाइल और सोशल मीडिया एडिक्शन पर विशेष रूप से चर्चा की गई। डॉ. भाग्यश्री कर ने विद्यार्थियों को ‘डिजिटल बैलेंस’ बनाने, सोने से पहले स्क्रीन से दूरी रखने, पढ़ाई के दौरान नोटिफिकेशन बंद रखने और खेल, संगीत व रचनात्मक गतिविधियों में समय बिताने की सलाह दी। वहीं, डॉ. धर्मेंद्र रजक ने नशे की प्रवृत्ति से आगाह करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लत जिज्ञासा, साथियों के दबाव या अकेलेपन से शुरू होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि मदद मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी जिंदगी और भविष्य के प्रति जिम्मेदारी है।
इस दौरान विद्यार्थियों को तनाव नियंत्रित करने के लिए ‘डीप ब्रीथिंग’, ‘माइंडफुलनेस’, ‘टाइम मैनेजमेंट’, ‘पॉजिटिव सेल्फ-टॉक’ और ‘प्रॉब्लम-सॉल्विंग’ जैसी व्यावहारिक तकनीकों का प्रशिक्षण भी दिया गया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्राचार्य किशोर लुगुन और चंद्र मोहन बिरुआ ने मानसिक स्वास्थ्य की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए सभी अतिथियों का आभार जताया।


