नयी दिल्ली : अपनी सेडान कार बेचने के बाद एक व्यक्ति ने उस गाड़ी में पहले से लगे स्थान दर्शाने वाले उपकरण (जीपीएस) और अपने पास मौजूद तीसरी चाबी की मदद से उसे वापस चुराने की साजिश रची, जिसमें उसका एक दोस्त भी शामिल था। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों योगेश दहिया और साहिल रोहिल्ला को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से चोरी की कार और 89,500 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, शिकायतकर्ता द्वारा आठ अक्टूबर को दिलशाद गार्डन इलाके में कार खड़ी किए जाने के महज चार मिनट के भीतर ही वह चोरी हो गई थी। गाड़ी के अंदर दो लाख रुपये रखे थे।
मामले की सूचना मिलने और प्राथमिकी दर्ज होने के बाद, पुलिस टीमों ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और ‘फास्टैग’ के विवरण का विश्लेषण किया। इसके जरिए वाहन के वर्तमान में हरियाणा के सोनीपत में मौजूद होने का संकेत मिला, जहां कार के पंजीकृत मालिक योगेश दहिया की पहचान संदिग्ध के रूप में हुई।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘दहिया ने जीपीएस उपकरण की मदद से कार के वर्तमान स्थान (लोकेशन) का पता लगाया और फिर अपने दोस्त रोहिल्ला के साथ मिलकर अपने पास रखी पुरानी चाबी का इस्तेमाल कर कार चुरा ली। बाद में पकड़े जाने से बचने के लिए वाहन को रोहिल्ला के पास छिपाकर रखा गया था।’’
पुलिस ने दहिया के घर से 39,500 रुपये और रोहिल्ला के पास से 50,000 रुपये बरामद किए हैं। पूछताछ के दौरान रोहिल्ला ने बताया कि उसने चोरी की रकम में से 25,000 रुपये खर्च कर दिए थे।


