
रांची: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) में छात्रों का आंदोलन गुरुवार को एक बार फिर विवाद का कारण बन गया। सीटों में कटौती, क्लस्टर सिस्टम खत्म करने, स्मार्ट क्लासरूम की व्यवस्था और अन्य शैक्षणिक मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्र संगठनों और विश्वविद्यालय के शिक्षक-कर्मचारियों के बीच पहले तीखी बहस हुई, जो बाद में धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। हालात बिगड़ते देख विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस को मौके पर बुला लिया। घटना के बाद विश्वविद्यालय के शिक्षक और कर्मचारी कुलपति कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने धरने पर बैठ गए। उनका कहना है कि लगातार हो रहे प्रदर्शनों और परिसर में बाहरी लोगों की मौजूदगी से विश्वविद्यालय का शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा है। उनका यह भी आरोप है कि इसकी वजह से कक्षाओं के साथ-साथ प्रशासनिक कामकाज भी बाधित हो रहा है।
धरने की सूचना मिलते ही विभिन्न छात्र संगठनों के सदस्य भी वहां पहुंच गए। इसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और बहस तेज होते-होते धक्का-मुक्की की नौबत आ गई। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय के एक कर्मचारी ने उनके साथ हाथापाई की। उन्होंने संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई और उसके इस्तीफे की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं, शिक्षक और कर्मचारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल विश्वविद्यालय में शांतिपूर्ण शैक्षणिक माहौल बनाए रखना है। उनका आरोप है कि लगातार हो रहे विरोध-प्रदर्शनों से पढ़ाई और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों प्रभावित हो रही हैं।
विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर डॉ. अजय चौधरी ने कहा कि कुछ छात्र अनुशासनहीनता कर विश्वविद्यालय की व्यवस्था को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरी ओर छात्र संगठनों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज कर मनमाने फैसले ले रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची के सिटी एसपी खुद विश्वविद्यालय पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य बनाने की कोशिश की। पुलिस की मौजूदगी में विश्वविद्यालय प्रबंधन और छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता शुरू हुई। फिलहाल परिसर में पुलिस बल तैनात है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से छात्र संगठन सीटों में कटौती, क्लस्टर सिस्टम समाप्त करने, स्मार्ट क्लासरूम समेत कई शैक्षणिक मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इससे पहले भी छात्रों ने कुलपति कार्यालय का घेराव करने का प्रयास किया था, जिसके बाद पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा था। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जारी वार्ता का क्या नतीजा निकलता है।

